Babchi Seeds Meaning in Hindi and Health Benefits – बावची बीज

By | February 8, 2018

क्या आप जानते है Babchi Seed को क्या कहा जाता है Hindi में? जानिए बाबची के बीज के uses और इसके सेवन करने के health benefits और फायदे और यह किन बिमारियों को ठीक करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है | असल में यह Babchi  Seeds  एक बहुत ही महत्वपूर्ण बीज है | इसके Plant को भारतीय आयुर्वेद में बहुत ही उत्तम माना गया है |  इसका इस्तेमाल तमिल पद्धति में श्रेष्ठ माना गया है | यह एक औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग Chinese लोग भी Medicine के Property के रूप में करते है | इसका Scientific  नाम PSORALEA CORYLIFOLIA है | सदियों से इस बीज का प्रयोग चिकित्सा पद्धति के लिए किया जाता है | बाबची के बीज को फफूंद विरोधी, कृमिनाशक इत्यादि जैसे रोगों को ठीक करने में Use किया जाता है |

Babchi Seeds



Babchi Seeds = बावची बीज

ऐसा माना जाता है की बाबची का सेवन से संपूर्ण स्वास्थ्य और जीवन की शक्ति को बेहतर बनाता है | इसमे कई प्रकार के औषधीय गुण स्थित है जो हमारे कई समस्याओ का समाधान करता है और हमे स्वस्थ रहने में मदद भी करता है |

बावची बीज का उपयोग / Uses of Babchi Seed

Babchi Seed का इस्तेमाल तमिल सिद्ध प्रद्धति एवं चीन की चिकित्सा पद्धति में अधिक इस्तेमाल किया जाता है | इस बीज में अनंतमूली नाम का यौगिक उपस्थित होता है जो मनुष्य स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने के लिए काफी फ़ायदेमंद है | आइये जानते है इसके Uses और Babchi के health benefits से जुडी जानकारी के बारे में थोड़े विस्तार से :


  • बाबची के बीज का उपयोग मानव शरीर में शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है और शक्ति को बढ़ाने के साथ साथ यह पसीने के स्त्राव को भी बढाता है , शरीर से अधिक पसीने के श्राव के कारण शरीर में जो विषैले पदार्थ है वो पसीना के द्वारा बाहर आ जाता है |
  • इसके बीजों का इस्तेमाल क्रीमी की समस्या के लिए भी किया जाता है | अगर आप कृमि की समस्या से परेशां है तो इस बीज का सेवन करे, जिससे पेट में मौजूद कृमि नष्ट हो जाएँगे और मल के साथ बाहर निकल आएँगे |
  • इसका सेवन कर दांत से जुडी हुई समस्याएं को ठीक कर सकते है | अगर दांतों से खून निकल रहा है, मसुडो में सुजन है तो यह उसे दूर कर काफी राहत पहुंचता है |
  • यदि किसी को गुप्तांग सम्बन्धी दिक्कत है तो आप इसका प्रयोग कर उसे ठीक कर सकते हैं | अगर बिस्तर गीला करने की शिकायत है तो उस परेशानी को भी यह दूर करता है |
  • मनुष्य में होने वाले Mycobacterium Tuberculosis जैसी बीमारी का भी इलाज इस औषधि के द्वारा सफलतापूर्वक किया जा सकता है |
  • इससे ज्वारीय रोगों को भी दूर कर सकते है, यह एक Antioxidant की तरह काम करता है |
  • बाबची के बीज का चूर्ण बनाकर इसका लेप बना कर आप पुरे शरीर में लगा सकते हैं | ऐसा करने से शरीर के दाग ठीक हो जाते है |
  • बाबाची में एंटिफंगल, कृमिनाशक, सुगन्धित और जीवाणुरोधी गुण मौजूद होते है जो हमे कई प्रकार के संक्रमण से हमे सुरक्षित रखता है |

बाबची बीज को इस्तेमाल करने का तरीका:

  • इसके बीज को पाउडर को बनाकर एक चम्मच शहद के साथ कर सकते है | या धनिया के साथ भी इसका सेवन कर सकते है |
  • त्वचा पर होने वाले संक्रमण में आप इसके पाउडर का लेप बना कर प्रभावित हिस्से पर लगा सकते है, इससे त्वचा में होने वाले संक्रमण हे त्वचा सुरक्षित रहता है |
  • कभी कभी इसके बीज उपलब्ध नहीं होने पर इसके पौधे के पत्तो का भी इस्तेमाल औषधीय रूप में किया जाता है |

कुछ जरुरी बातें जो बहुत ही आवश्यक है |

बाबची का इस्तेमाल हमेशा चिकित्सक की निगरानी में करना चाहिए | अगर इस बीज का सेवन ज्यादा मात्रा में कर लेंगे तो सिर में दर्द, उल्टियाँ होने लगेगी | इस तरह की समस्याएं कभी कभी देखी जा सकती है | इसीलिए इसका उपयोग करने से इससे जुड़ी सारी जानकारियां को अवश्य जान लें |

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