Bahi Khata ki Jankari (Book Keeping) aur Features

By | June 1, 2016

बही-खाता  double entry book keeping की भारतीय पद्धति(system) है। बही खाता  उस बही यानि की book को कहते हैं जिसमें व्यापार में हुए लेन-देन के पूरे हिसाब किताब को रखते है। बही खाता में लिखे जाने वाले लेन-देन को debit और credit के दो Different Columns में बना कर लिखा जाता है । प्राचीन काल से हीं बही खाता का चलन चलता आ रहा है और India में आज भी इस system का use किया जा रहा है । आज भी computer की facility होने के बावज़ूद कई बड़े बड़े business man और कई companies अपने accounts को maintain करने के लिए इस system यानि की बही खाता का use करते है ।

Bahi Khata

बही खाता में किसी भी व्यपार का पूरा हिसाब किताब रखा जाता है । “बही खाते की बहियाँ यानि की पुस्तक” white या फिर yellow color के मोटे page से बनी होती है । इन बहियों के ऊपर का cover लाल रंग के कपड़े का बना होता है जो की मोटे धागे या डोरी से सिला हुआ होता है । ये दिखने में register  की तरह हीं लम्बी होती है लेकिन इसका चौड़ाई थोड़ा कम रहता है ।

बही खाता में लेखा करने की 3 स्टेप होती है / There are 03 steps of Double Entry System

Jaisa ki hum sabhi jante hai ki Bahi Khata yani Book keeping mein total 03 steps hote hai jo ki is prakar hai:

प्रारंभिक लेखा बहियाँ  – इसमें लेन देन के फ़ौरन बाद हीं entry कर लिया जाता है ।

वर्गीकरण – इसमें लेन देन की entry हो जाने के बाद हर खाते की पूरी जानकारी रखने के लिए हर व्यक्ति, वस्तु , आदि  से related लेन देन को अलग अलग कर के रख दिया जाता है ।

सारांश तैयार करना – अंत में एक निश्चित अवधि के बाद result जानने के लिए लाभ और हानि ready कर के एक final account तैयार करते है ।

बही खाता की विशेषताएँ / Features of Double Entry System

To chaliye ab jante hai ki Book keeping ke kaun se features hai, ji karan Bahi khata ki inti demand hai:

  • बही खाता एक बहुत हीं easy system है जिसे कम पढ़ा लिखा इंसान भी सीख कर मुनीम का काम कर सकता है ।
  • बही खाता में सबसे बड़ी खासियत ये है की इसे किसी भी Indian language में लिखा जा सकता है जैसे की हिंदी , बंगाली, उर्दू आदि ।
  • बही खाता को अगर आप अपने स्थानीय भाषा में लिखते है तो उसे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं समझ पाएगा और इस तरह से आपका बही खाता गोपनीय रह सकता है ।
  • Business में progress होने के साथ साथ बही खाता के बहियों को बढ़ाया जा सकता है साथ हीं संकुचन के time में बहियों की संख्या को कम भी किया जा सकता है ।
  • बही खाता प्रणाली किसी और प्रणाली से बहुत हीं सस्ती होती है । Registers के comparison में बही खाता की बहियाँ सस्ती होती है ।

Agar aapko aur koi Bahi Khata ki jankari ho to hame jarur batlaiye.

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