Chintpurni Devi Temple – History, Location, Distance

By | October 2, 2016

Janiye is chamatkari Chintpurni Devi Temple ke bare mein jo ki  Himachal Pradesh mein hai. Iski history, timing, nearest railway station aur distance details. भारत में कई प्रकार के मंदिरों की स्थापना की गई है जिनमे से एक है चिंतपूर्णी मंदिर | सभी प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की सूचि में चिंतपूर्णी मंदिर भी शामिल है | हिन्दू मान्यता के अनुसार इस मंदिर को शक्ति पीठ की सूचि में रखा गया है | यह शक्ति पीठ भारत में हिमाचल प्रदेश राज्य के उना जिले में स्थापित है | इस मंदिर के आसपास का दृश्य अदभुत है | मंदिर का पूर्वोतर हिस्सा हिमालय के पहाड़ो से घिरा हुआ है | यह मंदिर में माता छिन्मस्तिका का निवास है | माता छिन्मस्तिका के 7 बड़े मंदिर है और भारत के कुल 51 शक्ति पीठ में से एक चिंतपूर्णी मंदिर  है |

Chintpurni Temple in Chintpurni, Himachal Pradesh

माता चिन्तपुरनी मंदिर का इतिहास / Chintpurni Devi Temple History 

भारत में मौजूद सभी शक्ति पीठो का अपना एक कहानी है, ठीक उसी प्रकार इस शक्ति पीठ की भी एक कहानी है जो इस प्रकार है – माता सती के प्राण त्याग के बाद भगवान शिव काफी क्रोधित हो गये थे और माता सती के शव को ले कर ताण्डव करना आरम्भ कर दिए | भगवान शिव के तांडव को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने यह निर्णय लिया की माता सती के शव का अंतिम संस्कार करना है परन्तु शिव के पास से शव को कैसे लिया जाए | तब विष्णु ने अपने सुदर्शन से शव को 51 छोटे-छोटे टुकड़े करने का निर्णय लिए | सती के शव के 51 टुकड़े भारत के अलग अलग स्थानों पर गिरे और यह सारे स्थान आज शक्ति पीठ के नाम से जाना जाता है | इस बात का मानना है की माता सती के पैर इस स्थान पर गिरे और यह स्थान अन्य सभी 51 शक्ति पीठो में से सबसे महत्वपूर्ण है |

चिंतपूर्णी मंदिर में निवास करने वाली देवी छिन्मस्तिका के नाम से जानी जाती है | इनके बारे में मार्कंडेय पुराण में यह बतलाया गया है की माता चंडी असुरो के साथ भीषण युद्ध करने के उपरांत उनके सहयोगी (जया और विजया) की रक्त की प्यास नहीं बुझी तो माता चंडी स्वयं अपना सर कार कर दोनों की प्यास बुझाई |

चिंतपूर्णी देवी के मंदिर की स्थापना प्राचीन काल में सारस्वत ब्राह्मण पंडित माई दास के द्वारा हिमाचल के चिंतपूर्णी में किया गया था |

स्थान / Location

माता छिन्नमस्तिका का चिंतपूर्णी मंदिर समुन्द्र स्थल से 940 मीटर की उच्चाई पर स्थित है | मंदिर हिमाचल प्रदेश राज्य के सोला सिंधी रेंज के सबसे उच्ची चोटी पर स्थित है | यह मंदिर Hoshiarpur – Dharmashala road पर स्थित Bharwain नामक गाँव से 3 km पक्षिम की और स्थित है |

Timing

यहाँ इस मंदिर में माता के दर्शन का एक समय बना हुआ है | इस मंदिर में पूजा और माता के दर्शन के लिए आप सुबह 04:00 बजे से दिन के 11:00 बजे तक जा सकते है, इसके उपरांत ओबंदिर परिसद को बंद कर दिया जाता है |

Nearest Railway Station

चिंतपूर्णी मंदिर के लिए आप ट्रेन सेवा का लाभ उठा सकते है | इस मंदिर  के सबसे निकटतम railway station Amb Andaura station है यहाँ से मंदिर की दुरी मात्र 20 km है, इस station से मंदिर आने के लिए आप बस या taxi service का इस्तेमाल कर सकते है |

Distance

मंदिर परिषद् तक आने के लिए train के साथ साथ बस या अन्य निजी वाहनों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है |

  • From Delhi  – 420 km
  • From Chandigarh  – 150 km
  • From Jalandhar – 90 km
  • From Hoshiarpur  – 42 km
  • From Vaisno Devi   – 250 km

Agar aapko iske alawe aur koi jankari malum ho jo ki Chintpurni mandir se judi ho to yahan par jarur bataliye.

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