बत्तख पालन कैसे करे – Duck Farming Business in India

By | July 18, 2016

क्या आप बत्तख पालन का व्यवसाय करने की सोच रहे हैं ? आइये जानते है Duck Farming के business को India में कैसे start करे, types of breeds, profit, disease की जानकारी विस्तार में | बत्तख पालन करने वालो को बहुत हीं अल्प लागत में अच्छा खासा benefit हो सकता है। क्योंकि बत्तख 6 month में हीं अंडे व मांस देने योग्य हो जाते है। बत्तख को पालने के 6 month के बाद  वे रोजाना अंडा (egg) देने लगती है और आज के date में बत्तख के एक अंडे की कीमत market में लगभग 12 /- है। कई शहरो में बत्तख के अंडे के साथ साथ इसके मांस का भी बहुत demand है। चूँकि बत्तख की मांस बहुत हीं कम मिलता है इसलिए इसकी मांस भी बहुत costly बिकता है। बत्तख पालन में बत्तख के आहार, आवास, आदि सभी चीजो में बहुत कम खर्च लगता है, इसलिए इसे कोई भी अपनाकर अपना आर्थिक स्थिति सुधार सकता है। आज हम आपको बत्तख पालन कैसे की जाती है इसकी पूरी जानकारी देने जा रहे है।

Batakh palan yani Duck Farming ki Jankari

बत्तख पालन कैसे करे / How to start Duck Farming?

Agar aap kam punji mein koi kaam start karna chahte hai Batakh Palan ek faydemand business sabit ho sakta hai. Iske liye na aapko badi plot ki jarurat hogi aur naa hi bade capital investment ki. Aur sabase acchi baay duck farming ke business ki yah hai ki ise India mein aasani se kiya jaa sakta hai. Kisan bhai 1,000 sq feet ke jamin par bhi Batakh palan ko start kar sakte hain. To chaliye jante hai batakh palan ka plan, report aur profit margin details mein:

बत्तख की नस्ले / Duck Breeds

बत्तख पालन करने से पहले उसके नस्लों(breeds) का selection कर लेना चाहिए। Business के purpose से बत्तख पालन करने के लिए बत्तख की दो नस्ले प्रमुख हैं एक अधिक अंडा देने वाली और दूसरी अधिक मांस देने वाली, जो की इस प्रकार है:


Common Duck Breeds in India

अंडा देने वाली नस्ले (लेयर / Egg)

  • इंडियन रनर– ये medium आकार के होते है और इनकी गर्दन (neck) पतली होती है। ये 6 month में अंडा देने लगते है। ये white, black, light yellow, और brown color में पाए जाते है। यह yearly 250 से 300 अंडा देती है।
  • कैम्पबेल – इस नस्ल के बत्तखो का body चौड़ा होता है। यह खाकी, सफेद व काले रंग में पाए जाते है। यह yearly 300 से ज्यादा अंडा देती है। 

मासं वाली जाति (ब्रोयलर)

  • सफ़ेद पेकिन – इनका body चौड़ा होता है, यह ज्यादा शोर करने वाले और जल्दी डर जाने वाले बत्तख होते है ।
  • एलिसबरी – इसमें हड्डी कम और मांस ज्यादा होती है ।
  • मस्कोवी (6 उपजाति) – इन्हें “म्यूल बत्तख” भी कहा जाता हैं।
  • आरफीगंटन (5 उपजाति)
  • राउन 

बत्तख के लिए गृह निर्माण / House Preparation of Duck

Duck Farm

बत्तख पालन में बत्तखो के लिए घर बनाना बहुत आसान होता है। आप इन्हें छोटा, बड़ा, गीला, शुष्क या किसी भी अन्य स्थानों पर रख सकते हैं । बत्तख पानी वाले और गीला जगहो पर रहना ज्यादा पसंद करते है। आप एक बड़े फलों की टोकरी, लकड़ी या तेल के ड्रम का उपयोग करके अपने बतख के रहने के लिए एक उपयुक्त जगह बना सकते हैं । बस इनके रहने के घरो में हमेशा एक प्रवेश और बाहर निकलने के लिए एक दरवाजा रहना चाहिए । दरवाजे थोड़े उचे होने चाहिए । आमतौर पर प्रत्येक बतख 2 से 3 square feet flooring space लेते है। बत्तख को विशेष रूप से बिल्ली, लोमड़ी और कुत्ते जैसे जानवरों या शिकारियों से बचा कर रखने की अव्यश्कता होती है ।

बत्तख का आहार / Food for Duck

मुर्गियों की तुलना में बतख रोजाना बहुत अधिक खाना खाते है। यदि आप बत्तख से उचित अंडे और मांस की उत्पादन करना चाहते हैं तो आपको उन्हें अच्छी तरह से संतुलित भोजन खिलाना होगा ।  वैसे तो बतख मुर्गियों की तरह सभी प्रकार के भोजन खाते है, लेकिन इसके अतिरिक आप बत्तख के आहार में कुछ और भी जोड़ सकते है। कुछ बत्तख मुर्गियों की तुलना में अधिक अंडे देते हैं, तो आपको ऐसे बत्तखो को खिलाने में बहुत सावधान रहना होगा। आपको इनके आहार में आवश्यक पोषक तत्व जोड़ने होंगे । बत्तख को आहार उनके नस्ल और उनके विकास के अनुसार दिया जाता है। यदि आप small scale पर batakh palan कर रहे है तो आप अपने बत्तख को खिलाने के लिए रसोई का कचरा, चोकर व घोंघे का इस्तेमाल कर सकते है । चूँकि बत्तख पानी में रहता है इसलिए उन्हें सुखा आहार निगलने में काफी तकलीफ होती है । सुखे हुए आहार को वे अपने चोंच में दबा कर वापस उसे पानी में हीं उगल देते है जिससे सारा आहार बरबाद हो जाता है ।

बत्तख में होने वाले रोग / Common disease in Duck

बत्तख में दो तरह के रोग ज्यादा पाए जाते है :-

  • डक प्लेग
  • वायरस हेपेटाईटिस

इन दोनों रोगों से बचने के लिए बत्तखो को उपयुक्त टिके लगवाने का प्रबंध करना चाहिए ।

बत्तख के बच्चे का लिंग निर्धारण / How to detect Duck’s Gender


यह नए पैदा हुए बत्तख़ के बच्चे के लिंग का पहचान करना इतना मुश्किल काम नहीं है। बत्तख़ के बच्चे की पूंछ को ऊपर उठा कर उसके निचे उँगलियों से दबा कर देखे यदि कांटे की तरह एक लिंग दिखाई दे तो समझ लीजिए यह पुरुष है और अगर नहीं है तो यह निश्चित रूप से एक महिला बतख होगी ।  पुरुष बतख का निर्धारण करने के लिए एक और सबसे आसान तरीका यह है की पुरुष बतख की पूंछ के पंखों कर्ल (curled) रहते हैं।

बत्तख के अंडे का भंडारण  / Egg Management

आप अंडे के भंडारण के लिए रेफ्रिजरेटर का use कर सकते हैं। इसके अलावा अंडा भंडारण के लिए नीबू पानी या pyraphine का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Profit Margin

आप बत्तख के अंडे और मांस को भी बेच सकते है | परन्तु अगर आप अच्छा मुनाफा कमाना चाहते है तो आप केवल बत्तख के अंडे को बेचिये, ना की बत्तख को | आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी “सोने की मुर्गी जो रोज अंडा देती है”, ठीक उसी तरह अगर आप बत्तख को मांस के लिए बेच देंगे तो आपको आगे चलकर कोई खास फ़ायदा नहीं होगा |

बत्तख के अंडे के दाम / Price of Duck’s Eggs in India

  • Local market में आपको 9 से 11 रूपए का एक बत्तख का अंडा मिलेगा |
  • और दर्जन (Dozens) के हिसाब से Rs 108 से ले कर 130 तक मिलेगा |
  • इसका मतलब है की, अगर उच्च नस्ल के बत्तखों के अंडे को बेचा जाये (एक average cost में) तो आपको केवल एक बत्तख से Rs 2,800 से  Rs 3,000 आसानी से मिल जायेंगे |

ठीक उसी प्रकार अगर आपके पास 200 Ducks है तो आप Rs 5,60,000 कमाई कर सकते है | और अगर खाने पिने, दवा, लेबर इत्यादि को जोड़ दे तो भी आपको लगभग 1,50,000 तक का खर्चा आएगा | फिर भी आप एक साल में 4 लाख तक आसानी से कम सकते हैं |

विपणन / Marketing 

बतख के अंडे की marketing से पहले अंडे का खोल की गंदगी को पूरी तरह से साफ कर लेना चाहिए। ध्यान रहे की अंडे को पानी से नहीं साफ किया जाता है इससे अंडे खराब हो सकते है । आप इसे साफ़ करने के लिए paper या towel का इस्तेमाल कर सकते हैं।

एक स्थान पर से दुसरे स्थान पर अंडे को ले जाने के लिए अंडे की टोकरी या गाड़ी का प्रयोग करें। अंडे को रखने के लिए इस तरह के कार्टून का चयन करना चाहिए जिसमे प्रत्येक कार्टून में (size के हिसाब से) कम से कम 2 दर्जन अंडे आ सके।  बाजार या अन्य गंतव्य के लिए अंडे के परिवहन हेतु बांस की टोकरी, लकड़ी के बक्से या फिर अन्य दूसरी चीजों का उपयोग किया जा सकता हैं। यदि आप अंडे को ले जाने के लिए इस तरह के बक्से का उपयोग करें तो बक्से में अंडे को रखने के बाद उसके चारो तरफ से पुआल या चावल की भूसी की मोटी परत बना कर रख देना चाहिए ।

Note- बत्तख पालन व्यवसाय से अधिकतम मुनाफा बनाने के लिए, आपको बतख की देखभाल, उनके लिए चारा प्रबंधन, उनके रहने की आवास, विपणन की जानकारी लेने पर अधिक ध्यान देना होगा । अगर आप ये सभी प्रक्रिया अच्छी तरह से कर लेंगे, तो आप इस व्यवसाय से बहुत हीं अच्छा आय कमा सकते हैं।

बत्तख पालन से लाभ 

अगर आप मुर्गी पालन या मछली पालन करते है तो उसके वनिस्पत बत्तख पालन को शुरु करना और बड़े स्तर पर ले जाना आसान होता है | चलिए जानते है वो कौन कौन से मुख्या कारण और फायदे है जिनके कारण बत्तख पालन करना लाभदायक सिद्ध होता है :

  1. उच्च नस्ल वाली बत्तख जैसे की इंडियन रनर और कैम्पबेल yearly 300 से ज्यादा अण्डे (eggs)  देती हैं।
  2. मुर्गियों की तुलना में बत्तखो में कम रोग पाए जाते है ।
  3. बत्तख के एक अंडे का weight लगभग 70 g होता है ।
  4. मुर्गियों के अंडे की comparison बत्तख के अंडे ज्यादा महंगे बिकते है ।
  5. बत्तख के आहार में भी बहुत कम खर्च लगता है क्योंकि ये पानी में से घोंघे को खा कर भी अपना पेट भर लेते है ।
  6. मुर्गियों की comparison में बत्तख की life भी ज्यादा होती है ।

बत्तख पालने के फायदे |

बत्तख पालने के बहुत से advantages है | मुर्गी के बाद meat और अंडे के business के लिए एक मात्र पक्षी  बत्तख ही है | अत: बत्तख पालन businness की दृष्टी से बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है | बत्तख पालन के कुच्छ फायदे निम्न है :-

  • बत्तख अंडे का दुसरा सबसे बडा श्रोत है | अच्छे नसल की बत्तख 1 साल में कम से कम 300 अंडे का उत्पादन करती है |
  • बत्तख के अंडे का वजन और मुर्गियों के अंडो से ज्यदा होता है, साथ ही बत्तख के अंडो मी protine की मात्रा भी मुर्गियों के अंडो के मुकाबले अधिक होती है
  • जिन जगहों पर अधिक वर्षा हो और वह की मौसम में नमी ज्यादा होती हो उन जगहों पर मुर्गी पालन business sucess नहीं होता है, लिकिन उस जगहों पर बत्तख पालन बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है |
  • बत्तख पानी में निकलने वाले घास, कीड़े, मकोड़े, घोंघे, मछली इत्यादि का सेवन करते है | इसलिए इन पर खाने का ज्यदा कर्च भी नहीं होता है |
  • बत्तख बहुत ही समझदार पक्षी होती है उन्हें हमेशा guide करने के ज़रूरत नहीं होती है | वे समय होने पर अपने निश्चित जगहों पर खुद से आ जाते है |
  • बत्तख में मुर्गियों की अपेक्षा प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक होती है, इसलिए बत्तख मुर्गियों से ज्यादा दिन जिंदा रहते है |
  • बत्तख शांत स्वभाव के पक्षी होते है वे झुण्ड में एक साथ रहना पसंद करते है इसलिए इनके गुम होनी की संभवाना कम होती है |

18 thoughts on “बत्तख पालन कैसे करे – Duck Farming Business in India

  1. abdur rahman

    Sir mujhe batakh palan karna hain anda k liye lag bhag 1000 iskeliye kharcha kitna legega anda dene tak our jagha kitna lagega please bataye

    Reply
    1. jass

      Adbur aap ko pehle 100 200 tak batakh palan krna chahiye tanki aap ka anubhav ho ske 100 batkh k liye 200 squre feet space honi chayie
      Es main aap ka 6000 se 10000 kharcha hoga

      Reply
  2. sanjay kumar

    sir
    mai battakh palan karna chahta hoon iske bachche kahan par milenge
    aur iska anda kis mandi me bikega
    please me answar contact n.7860887587
    mai sanjay kumar tato muraini sultanpur u.p

    Reply
  3. sant sharan satsangi

    please give details of food proteins to be given to duck for better growth.

    Reply
  4. Mayank Kumar

    sir
    this is mayank kumar From Patna ( BIHAR ) . I am interested in Duck Farming but i have no idea from beginning to End. From where i can gain knowledge about duck farming. Like How to start business From where i can DUCK Babies how to grow them ( DUCK) , taking care, food , safety, How much land will required for at-least 300 duck and where i can sell egg in local market or export them for more profit.

    Reply
    1. abdur rahman

      Sir main jharkhand se hun batakh palan karna hain chuje kaha se milega please help me

      Reply
  5. amit singh

    sir mai bhi batakh palan karana chahta hu kya koi aise company hai jo duck palan ke liye sahi tarika bata sake mera matlab hai ki uska egg aur uska meet whole sale kaha par kiya ja sakat hai jisase achhi kamai kiya ja sake

    Reply
  6. Mohammed Feroz khan

    Respected Sir
    Mai Mohammed Feroz khan Dhanbad jharkhand ka rahne wala hun hamari apni dairy farm hai aur zameen v hai mai ab batakh palan karne ka sonch raha hun iske liye mujhe kia karna hoga aur kis trah se batakh ka farm banana hai hamare dairy farm me talab ki v suvidha hai aur 500 batakh se apna farm shuru karna chahta hun
    mujhe batakh kahan se aur kaise milegi aur pahchan kia hai
    please clarify kijye mai aapka abhari rahunga
    Mohammed Feroz khan
    Dhanbad jharkhand

    Reply
  7. Nilesh joshi

    Mere pass 5000 square feet area land hai.mujhey bataiey mai kis tarike se duck farming kar sakta hu.

    Reply
  8. teenku dhillon

    sir m duck farm karna chahta hu m ye puchna chahata hu ki chooje kahan se milte h or anda konsi market me bikta h my phone no. 08813855184

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *