Elephanta Caves History in Hindi

By | June 13, 2017

Kya aap jante hai history of Elephanta Caves in Hindi – Janiye isse judi information, iska nirman kab hua, facts, murti (statue) aur painting ke details. इसे घारापुरी गुफाएँ भी कहते है Mumbai शहर से लगभग 12 km की distance पर स्थित है । ये गुफाएं अपनी कलात्मकता की वजह से बहुत हीं famous है । इस गुफाएं के wall पर बने हाथी की वजह से पुर्तगालियों ने इसे “एलिफेंटा की गुफाएं” का नाम दिया था । एलीफेंटा की गुफाएं में total 7 गुफाएँ हैं जिसे दो भागो में बांटा गया है, पहले पांच गुफाएं हिन्दुओं का एक बड़ा समूह है और दूसरा  दो गुफा बौद्ध का एक छोटे समूह है । ऐसा कहा जाता है की इन गुफाओं का निर्माण 5th और 7th century में हुआ था । 1987 में Elephanta caves को UNESCO की तरफ से विश्व धरोहर ऐलान किया गया है ।

Elephanta Caves information in Hindi

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एलीफेंटा की गुफाएं की main गुफा (cave) में 26 स्तंभ हैं जहाँ शिव जी के कई रूपों को उत्कीर्ण किया गया है। चट्टानों को काटकर बनाई गई ये मूर्तियां South Indian sculpture से inspired हैं। एलीफेंटा की गुफाएं के पहले  भाग में जो की हिन्दुओ का गुफा है शिव जी के कई रूपों और क्रियाओं को दर्शाती हुई 9 विशाल मूर्तियां हैं । इन सभी मूर्तियों में शिव जी की “त्रिमूर्ति” की प्रतिमा सबसे मोहक है। यह प्रतिमा लगभग 24 ft लम्बी और 17 ft ऊँची है। इस प्रतिमा में शिव जी के 3 रूपों का चित्रण किया गया है। त्रिमूर्ति के अलावा शिव जी के पंचमुखी परमेश्वर, अर्धनारीश्वर आदि कई रूपों की मूर्तियां मौजूद हैं।

यहाँ शिव-पार्वती के विवाह से related भी कई सुन्दर चित्र दर्शाए गए है । भगवान् शिव के अलावा यहाँ और भी कई देवी देवताओं की प्रतिमाओं को उकेरा गया है । main गुफा  में  प्रवेश  करने के चार दरवाजे है जिनमे से द्वार पर तीन खुले porticoes है और पीछे में एक गलियारा बना हुआ हैं। इन गुफाओं के बाहर कई मज़बूत चट्टानें है । यहाँ एक मंदिर भी है जिसके अन्दर गुफ़ा है।


History of Elephanta Caves /  इतिहास 

चूँकि ये एलीफेंटा की गुफाएं काफी साल पुराना है इसलिए इसका इतिहास मात्र एक अनुमान पर आधारित है। कहा जाता है की पाण्डव व बाणासुर जो की शिव जी के दानव भक्त थे इन गुफाओ में रहा करते थे इसलिए इन गुफाओं का निर्माण किसी मानव द्वारा नही किया गया है। इन गुफाओं के निर्माण का सही date किसी को आज तक पता नहीं चल पाया है परन्तु कुछ इतिहासिक जानकारों द्वारा इन गुफाओं का निर्माण 5 से 8वी शतक के बीच बताया जाता है । कुछ लोगो के मुताबिक कोकण मौर्य ने इन गुफाओं का निर्माण किया है जिनका शासनकाल 6वी शताब्दी के बीच में था और  कुछ इतिहासकारो ने इसका निर्माणकर्ता कलचुरिस को बताया है ।

Statue at Elephanta Caves

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एलीफेंटा की गुफाएं का main गुफा के निर्माण के आखरी दावेदार राष्ट्रकूट को बताया गया है , जिनका शासनकाल 7 वी से 8 वी शताब्दी के अंत था ।  कहते है की कुछ समय तक गुजरात सल्तनत ने भी इस पर शासन किया उसके बाद उन्होंने 1534 में पुर्तगाल को आत्मसमर्पण कर दिया था । तब से एलिफेंटा की गुफाएं को घरपुरी भी कहा जाने लगा । कुछ इतिहासकारो के मुताबिक पुर्तगालियो को ही एलिफेंटा की गुफाओ का नाश करनेवाला माना जाता है ।

How to reach via Ferry

Gateway of India से Tuesday से लेकर Sunday तक ferry चलती है | यहाँ से आपको फेरी की सवारी मिल जायेगी | यह असल में boat होती है जो की आपको एलिफेंटा तक छोड़ देगी | एक ticket का price Rs 120 है |

Facts

  • कहते है की Elephanta caves सिल्हारा राजाओं के शासन के दवरान खोजी गई थी ।
  • हर साल February month में महाराष्ट्र Tourism Development Corporation की तरफ से यहाँ एक नृत्य महोत्सव organize किया जाता है ।
  • यहाँ पर total 7 caves हैं |
  • इन गुफाओं में भगवान शिव जी के सुन्दर मूर्ति बने हुए है जो की हजारो साल पुरानी है |
  • week में एक दिन Monday को छोड़कर बाकि सभी दिन सुबह 9 से 5 बजे तक ये गुफाएं आम जनता के लिए खुली रहती है ।
  • इस गुफाओं के एक दिवार पर ब्राह्मणों की भूमिका को उत्कीर्ण किया गया है जो की यहाँ का सबसे शानदार गुफा कहलाता है ।

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