Eosinophilia Meaning, Symptoms & Treatment in Hindi

By | April 22, 2017

क्या आप जानते है Eosinophilia क्या होता है और इसका meaning? जानिए इस बीमारी के symptoms, possible causes और इसका treatment अपने घरेलु इलाज से | हमारे blood में white cell blood का बढ़ जाने को Eosinophilia (इस्नोफीलिया) कहते हैं |हमारे blood में इसकी normal संख्या 1 से 6 % होता है, पर इससे अधिक हो जाने पर कोई भी इंसान इस बीमारी का शिकार हो जाता है | यह  हमारे body को अलग अलग तरह के Infection से बचाने का काम करता है | जब  यह हमारे bone maro में काफी अधिक हो जाता है, तो यह हमारे body के लिए बहुत ही नुकशान देह साबित होता है |

Eosinophilia meaning in Hindi

Causes

Eosinophilia किसी प्रकार के allergies के कारण या फिर atopic  रोगों के कारण हो सकता है, विशेष रूप से respiratory या फिर  integumentary systems में infection के कारण यह हो सकता है | इन सब body parts में infection होने का सबसे बडा कारण है parasite,  यह हमारे किसी भी body parts को infect कर के हमे इसका शिकार बना सकता है | Parasitic diseases और दवा के एलर्जी प्रतिक्रिया इसका  का सबसे बडा कारण हैं |

Eosinophilia होने के कुछ और भी कारण है जो की निमंलिखित हैं:

  • Asthma / दमा
  • Parasitic and fungal diseases / परजीवी और फंगल रोगों
  • Adrenal conditions / अधिवृक्क की स्थिति
  • Skin disorders / त्वचा संबंधी विकार
  • Toxins / विषाक्त पदार्थों
  • Autoimmune diseases / स्व – प्रतिरक्षित रोग
  • Drug allergies / दवा से एलर्जी
  • Hay fever / हे फीवर

Symptom of Eosinophilla / लक्षण

इस को पकड़ना थोडा मुस्किल है, क्यूंकि इसके लक्षण सामान्य बीमारी के तरह लगते हैं, पर अगर थोडा सावधान रहा जाये तो इसे बीमारी की पहचान की जा सकती है | इस बीमारी के लक्षण निम्न प्रकार के होते है:

  • यदि किसी रोगी को अगर बलगम (cough) निकालने में कठिनाई हो रही हो तो वह रोगी इससे ग्रसित हो सकता है |
  • यदि किसी रोगी को साँस लेने में तकलीफ हो रही हो या दम घुटने के जैसा लग रहा हो तो यह भी एक कारण हो सकता है |
  • यदि गले के चारो ओर सुजन हो और हलके दबाव देने पर तकलीफ महूस हो तो यह भी एक लक्षण है |
  • यदि खाँसी आने से पहले यदि आप को साँस लेने तकलीफ महसूस हो रही हो, गले में सुरसुराहट हो रही हो तो यह भी इसका एक लक्षण हो सकता है |
  • यदि किसी जगह पर Rashes हो गया हो और जल्द ठीक नहीं हो रहा हो तो यह भी Eosinophilia का एक symptoms हो सकता है |

Eosinophilia बीमारी के Treatment घरेलु उपाय द्वारा 

  • यदि बलगम निकालते वक्त तकलीफ महूसस हो रही हो तो वैसे में एक बड़े बर्तन में पानी को गरम कर के उसमे 1 से 2 बूंद नीलगिरी के तेल को डाल कर पानी के भाप को inhale करने से बलगम ढीला हो जाता है, और बलगम आशानी से निकल जाता है |
  • यदि आप के गले में खराश हो तो अदरक वाली चाय को पिने से आराम मिलता है |
  • एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद और एक चम्मच गोलकी powder को मिला कर रोजाना 2 बार पिने से यह आप के गले को साफ करता है और साथ की गले में किसी प्रकार के रुकावट को भी दूर करता है |
  • Neem में antiseptic properties होते है जो की हमारे body को infection से लड़ने में help करता है | Eosinophilia से ग्रसित मरीजो के लिए neem बहुत ही फायदेमंद साबित होता है | Neem का juice blood को साफ करने में मदद करता है इसलिए इसके  patient को neem के juice का सेवन करना चाहिए |
  • यदि यह आप के food pipe को affects कर दिया है तो heartburn food ना खाए जैसे की जिस food में fat हो उस food को ना खाए, प्याज अदरक का सेवन ना करे और साथ ही cold drinks से परहेज करे |
  • रोजाना 1 गिलास हलके गरम दूध में 1 चम्मच हल्दी मिला कर पिए |
  • पानी में 1 चम्मच नमक और मेथी मिला कर पानी को उबाल कर उस पानी से Gargle करना चाहिए |
  • आप योग भी कर सकते है योग जो आप के शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ ही आप के शरीर में immunity power को बढ़ाने में मदद करता है |

Prevention

  • धूल से मुक्त वातावरण में रहने का कोशिश करे |
  • दही, केला खाने से परहेज करे क्योकि ये बलगम को और अधिक बढ़ा देते है |
  • धूम्रपान से बचें और जायदा pollution वाले जगह जाने से बचे  |
  • Soft drink को अपने daily dose से कम करे |

अगर आपके पास भी कोई सुझाव है जो की इस बीमारी को control करने में मदद कर सके तो यहाँ जरुर बतलाये |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *