Essay About the National Tree of India in Hindi

By | December 7, 2016

Do you know the National Tree of India in plain Hindi language? Essay provides interesting facts, lifespan and medicinal uses with pictures – भारत के राष्‍ट्रीय पेड़ |

Banyan Tree

National Tree of India / भारत का राष्ट्रीय वृक्ष – बरगद का पेड़

भारत के राष्ट्रीय वृक्ष (national tree) का दर्जा “बरगद के पेड़” को दिया गया है । English में इस पेड़ को “banyan tree” कहा जाता है । यह वृक्ष बहुत हीं विशाल होता है । यह वृक्ष एक बहुत हीं ऊँचा और बहुत बड़े area में फैलने वाला वृक्ष होता है। इस पेड़ का height लगभग 20m से 30m तक होता है । हिंदू धर्म में इस पेड़ का बहुत महत्व होता है। जिस तरह लोग पीपल और  नीम के पेड़ की पूजा करते है उसी तरह बरगद के पेड़ की भी पूजा की जाती है । बरगद के पेड़ को ब्रह्मा जी बराबर माना जाता है। हिन्दू धर्म की कई महिलाएं अपने पति के लिए बरगद के पेड़ की पूजा करती है जिसे “वट सावित्री पूजा” कहा जाता है ।

बरगद का पेड़ मोरेसी परिवार से belong करता है। बरगद के पेड़ को अलग अलग भाषाओँ में अलग अलग नामो से जाना पुकारा जाता है। Hindi में बरगद के पेड़ को “वटवृक्ष” और  “बड़” का पेड़ कहा जाता है । अरबी language में बरगद के पेड़ को “कतिरूल अश्जार” कहा जाता है। गुजरती में इस पेड़ को “बड़” और Punjabi में इस वृक्ष को “बूहड़” कहा जाता है। बंगला में बरगद के पेड़ को “बड़गाछ” कहते है वहीँ Sanskrit में इसे “न्यग्रोथ” कहते है |

Bunch of Banyan tree - the symbol of Indian tree

Essay on National Tree of India


बरगद के पेड़ का तना straight और बहत हीं कठोर होता है। इसकी शाखाएं से जड़े निकलती है जो की हवा में लटके रहती हैं। starting में बरगद की शाखाएं बहुत हीं पतली होती हैं और नीचे की तरफ लटकती रहती हैं। धीरे धीरे ये शाखाएं बढ़ कर जमीन तक पहुँच जाती हैं और काफी मोटी हो जाती है । बरगद का पेड़ जितना पुराना होता जाता है इसकी जटाएं और ज्यादा लम्बे चौड़े area में फैलती जाती है । बरगद की इसी बड़ी बड़ी जटाओं के वजह से इस वृक्ष को जटाजूटधारी महात्मा कहा जाता है। बरगद के डालो पर बड़े बड़े  व गोल shape के पत्ते निकलते है। बरगद के पेड़ की सभी पत्तियां लगभग 10 से 2 0cm लम्बी और 5 से 13 cm चौड़ी होती है। बरगद के पेड़ के पत्ते एक side से बहुत हीं चिकना होता है और इसका color dark green होता है। उलटे side से पत्ते का ओलोर light green होता है ।

इसे भी पढ़े – National bird of India और National song of India विस्तार में |

बरगद के पेड़ पर गर्मी के दिनों में फल भी लगते हैं। ज्यादातर February से May के बीच में बरगद के पेड़ पर फल लगते हैं। बरगद के फल लाल लाल, छोटे छोटे , गोल व डंठल रहित होते हैं। फल वृक्ष के शाखाओं पर पत्ते वाली जगह पर हीं निकलते हैं। इसके फल के अन्दर छोटा सा बीज होता है ।

Facts about Banyan Tree

  • बड़ के पत्ते को गर्म करके उसका लेप बना कर उसको जख्म पर लगाने सेजख्म जल्दी सूख जाता हैं।
  • बरगद के पेड़ के छाल का काढा regular पीने से diabetes में फ़ायदा होता है ।
  • ऐसा कहा जाता है की बरगद के पेड़ का स्पर्श करने से और इसकी सेवा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते है ।
  • कमर दर्द में बड़ का दूध से मालिश करने पर दर्द में relief मिलता है ।
  • एक अनुमान के मुताबिक बरगद के पेड़ की आयु लगभग 500 years होती है
  • बरगद के सभी parts का इस्तेमाल medical science द्वारा मानव शरीर को स्वस्थ रखने हेतु दवा निर्माण में किया जाता है |
  • बरगद की लटकती हुई जड़ और इसके खाल का इस्तेमाल रस्सी बनाने के लिए भी किया जाता है |
  • बरगद के पौधे मुख्य तौर पर अन्य वृक्षो के दरख्तों में पनपते है | पौधे के निकलते ही इसकी जड़ नीचे जमीन की ओर फैलने लगती है और जमीन में धसने के उपरांत पौधा बढना आरम्भ करता है |

Conclusion 

Being a national tree of India, the Banyan is also has cultural and medical values. The average lifespan of a Banyan tree is about 500 years. A single well grown Banyan tree can cover about 50m to 300m area easily. Additionally the Banyan tree’s milk is uses to cure back pain.

The oldest Banyan tree found in California, United States whose estimated life is about 5,064 years – Source – https://www.reference.com/

In order to grow a full adult Banyan tree can take about 25 to 30 years.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *