FIR Full Form in Hindi

By | March 1, 2016

What is the full form of FIR? Kya aap janana chahate hai ki FIR ka kya matlab aur meaning hota hai? तो चलिए जानते है आखिर FIR होता क्या है और इससे जुडी हुई जानकारियां विस्तार में |

FIR – प्रथम सूचना रिपोर्ट (Pratham Suchana Riport) /  first information report

कोई भी घटना को जब police के पास कार्यवाई के लिए दर्ज कराया जाता है तो उस सूचना को  हीं first information report (F I R)  कहते है। police को जब किसी अपराध की information मिलती है तो उनके द्वारा एक written document ready किया जाता है। यह वे important सूचनात्मक document होता है जिसके basis पर police कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाती है। संज्ञेय अपराध(Serious crime) के बारे में FIR कोई भी इंसान दर्ज करवा सकता है।

FIR - First Information Report


FIR करनेवाले इंसान  का हक़ होता है कि उसके द्वारा लिखाए गए report को उसे पढ़ कर सुनाया जाये और उसकी एक copy उसे भी दी जाये । FIR के बाद police का अधिकार होता है कि वह आरोपी को Arrest कर के enquiry को शुरु करे। FIR के copy पर शिकायतकर्ता का signature होना भी अनिवार्य होता  है। FIR की copy पर police station की stamp व police officer के signature भी होने चाहिए। इसके अलावा police अधिकारी अपने register में यह भी दर्ज करते है की FIR की एक copy  आपको भी दे दी गई है।

FIR केवल किसी अपराध का हीं नहीं होता है बल्कि अगर आपका कोई important चीज जैसे की आपका documents, आपका mobile phone, आपका sim card आदि के खो जाने पर भी FIR कराया जा सकता है। जब आप अपने खोए हुए समान का FIR दर्ज करवाने जायेंगे तो आपसे कुछ सवाल किया जायेगा जैसे की आपका समान कब खोया, कहाँ खोया, कितने बजे खोया आदि। जब आप FIR दर्ज करवाने जाते है तो उस समय police अधिकारी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं लिखा जा सकता है ना ही बिना किसी जांच के किसी भी बात को ज्यादा highlight किया जा सकता है ।

अतः आप सब से अनुरोध है की कोई भी संज्ञेय अपराध की FIR जरुर से दर्ज कराएं ताकि police उस पर आगे कारवाई कर सके ।

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