Ganpati ji ki Sthapana Kaise Kare, Mantra aur Samagri

By | June 13, 2016

Kya aap ghar par Ganesha Murti Sthapana karna chahate hai paur imein lagne wali Samagari, aur mantra nahi malum hai? जानिए इस Chaturthi Puja में कैसे आप गणेश जी की विधि-विधान स्थापित कर सकते हैं | आमतौर पर गणेशोत्सव में महाराष्ट्र के हर घर में गणपति जी की मूर्ति की स्थापना की जाती है। लोग अपनी सामर्थ्य के मुताबिक अपने घरो में सोने, तांबे, मिट्टी आदि से बने गणपति की मूर्ति को स्थापित करते है अथवा सभी लोग पूरी भक्ति व श्रद्धा के साथ गणपति जी की पूजा करते है। ऐसी मान्यता है की घर में गणपति जी को स्थापित करने से और regular उनकी पूजा करने से वास्तु दोष होने का chance बहुत हीं कम रहता है ।  आज हम आपको बताएँगे की घर में गणपति जी की स्थापना कैसे की जाती है और स्थापना में किन किन सामग्री की अव्यश्कता पड़ती है ।

Lord Ganesh ji ki Sthapana Puja Vidhi

गणपति स्थापना सामग्री  

Bhagwan Ganesh ji ki Murti Sthapana karne se pahle aapko niche diye gaye items ki jarurat hogi. To chaliye jante hai Ganpati Sthapana ki samagri list:

  • गणेश जी की मूर्ति , पीढ़ा या चौकी ,
  • सिंदूर, रोली, चन्दन , वस्त्र
  • अक्षत, अबीर, हल्दी, सुपारी, पान, दूर्वा,
  • मोदक (लड्डू), दीपक, लाल फूल ,
  • धुप, दीप, अगरबत्ती, केला  या आम के पत्ते, लाल कपड़ा (आसन के लिए)
  • कलश, जल, पंचामृत, आदि।

गणपति जी की स्थापना विधि 

Dhyan rahe ki jis din aap Ganesh ji ki Sthapana karne jaa rahe hon us din ghar saaf rahe aur sabhi log naha kar, ek saath puja karne baithe. Ho sake to aas pass ke logon ko Ganpati Sthapana pujan mein amantrit kare:

  • गणपति जी की स्थापना करने के लिए first of all morning में उठ कर पूरे घर की भली भांती साफ़ सफाई कर लेनी चाहिए ।
  • चूँकि गणपति जी की पूजा Evening के time में किया जाता है इसलिए दोपहर के time में स्नान करके घर की north direction में एक चौकी या लकड़ी के पीढ़े पर लाल कपड़े को बिछा कर रख दें ।
  • अब चौकी को चारो ओर से केले के पत्‍ते या फिर आम के पत्ते से सजाएं दें ।
  • अब गणपति जी की मूर्ति को उस जगह पर लायें जहाँ उनकी स्‍थापना करनी है । मूर्ति को घर में लाने से पूर्व पहले उस पर अक्षत छीटें ।
  • अब आसन यानि की चौकी पर बिछे हुए लाल कपड़े के ऊपर भी अक्षत छीटे ।
  • अब एक खाली कलश में जल भरकर उसके मुंह के ऊपर एक कोरा कपड़ा बांधकर उस कलश को चौकी के पास रख दें ।
  • अब गणपति जी की मूर्ती को लाल आसन पर “गणपति बप्पा मोर्या” कहते हुए स्थापित करें।
  • अब हाँथ जोड़ कर गणपति जी से आवाहन के लिए विनती करे।

Avahana Mantra (आवाहन मंत्र)


Shree Ganesh Avahana Mantra

  • तत्पश्चात आचमन हेतु गणपति जी पर जल छिडकें ।
  • अब गणपति जी पर पहले पंचामृत और उसके बाद जल छिड़क कर उन्हें स्नान कराएं ।
  • उसके बाद गणपति जी को वस्त्र यानि की कपड़े अर्पित करे ।
  • अब गणपति जी को सिंदूर लगाकर षोडशोपचार से उनकी पूजा करना शुरू करे ।

Ab jab Shree Ganesh ki Sthapana ho chuki hai tab, Pratishthapan kare.

Pratishthapan Mantra (प्रतिष्ठापन)

Ab aap niche diye gaye Mantra ka ucccharan kar ke, Shree Ganesh ji par dono haatho ko jod kar flower arpit kare, aur man he man unhe wirajman hone ke liye prathna kare:

Shree Ganesh Pratishthapan Mantra

  • Puja start करने से पूर्व गणपति जी की मूर्ति के समक्ष एक लोटे में जल भरकर उस पर एक छोटे से plate में कच्‍चा चावल भर कर रख दें।
  • अब इसके बाद गणपति जी के पास अगरबत्‍ती व धूप, दीप को जला कर रख दें ।
  • अब उन्हें चंदन, अक्षत व दूर्वा चढ़ाएँ ।
  • अब उन्हें पान का पत्ता व सुपारी अर्पित करे।
  • अब गणपति जी को मोदक(लड्डू) चढ़ा कर उनसे हाँथ जोड़ कर लड्डू का भोग लगाने की आग्रह करे।

इसे भी पढ़े – गणेश जी की पूजा थाली सामग्री सूचि |

(शास्त्रों के मुताबिक गणपति जी को २१ मोदक का भोग लगाने का नियम है। जिसमे से 5 लड्डू को गणपति जी के पास रख कर बाकि के लड्डूओं को ब्राह्मणों में बांट देने को कहा गया है ) ।

  • भोग लगा लेने के बाद गणपति जी को दक्षिणा के तौर पर कुछ पैसे व फल चढ़ाएँ ।
  • अब गणपति जी की मूर्ति के पास बैठ कर उनके मंत्र “ऊं गं गणपतये नम:” का 108 times जाप करे।
  • अब गणपति जी की आरती करे।
  • तत्पश्चात फूलों से गणपति जी को पुष्पांजलि अर्पित करे ।
  • अब हाँथ जोड़ कर पूजा के दौरान हुई किसी भी तरह की गलती या भूल हेतु क्षमा प्राथना करे ।
  • अंत में गणपति जी को प्रणाम करके उनसे अपनी पूजा स्वीकार करने के लिए कहें ।

Note:

  1. यदि 10 दिनों तक गणेश जी की मूर्ति को स्थापित की गई है तो शास्त्रों के अनुसार दसो दिन तक पूरी विधि के साथ इनकी पूजा व जय-जयकार करते रहना चाहिए ।
  2. अगर 10 दिन तक मूर्ति को स्थापित रखने में आप सामर्थ्य ना हो तो कपड़े से बंधे हुए कलश और दक्षिणा के साथ गणपति जी की मूर्ति को ‍किसी पंडित को समर्पित करके उनका विसर्जन कर देना चाहिए।

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