GCC ka Full Form in Hindi – जी.सी.सी

By | November 23, 2017

क्या आपको मालूम है gcc का full form क्या होता है Hindi में? जानिए इसका मतलब, इसमें कितने countries आते हैं, history, development और progress से जुडी information. विश्व में शांति एवं समृधि के विकास के लिए कई प्रकार के कार्य एवं संगठन का स्थापना किया गया | कुछ संगठन का निर्माण विश्व में आपातकाल के स्थिति में गरीब एवं असहाय व्यक्तियों की सहायता करता है तो कुछ विश्व में स्वास्थ्य को संतुलित रखने के लिए कार्य करता है | ऐसे ही संस्थानों में एक संस्था GCC है जो मध्य पूर्व देशो के बीच राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन को मजबूत बनता है | आइए जानते है GCC से सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण बातो को |

GCC Full Form

GCC – Gulf Cooperation Council / खाड़ी सहयोग परिषद

यह  मध्य पूर्व के 06 countries बहरीन, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात एवं ओमान के मध्य राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन का एक संगठन है | इस संगठन के कुल छः सदस्य देश है, यह संगठन सऊदी अरब के रियाद में स्थित है जिसका कार्यकारी भाषा अरबी है | इस संस्था की स्थापना मई 1981 में सऊदी अरब में किया गया |

Development


Kuwait सरकार के द्वारा अन्य छह अरब खाड़ी राज्यों के साथ मिलकर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधन में जोड़ा और साथ ही इन सभी राज्यों को एक मंच पर लाने के लिये इस संगठन का प्रस्ताव तैयार किया | इस प्रस्ताव के परिणाम को देखते हुए रियाद के द्वारा समझौता को जारी रखा गया जिसमे सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं वित्तीय क्षेत्रों में सहकारी प्रयासों का भी सुझाव दिया | इन सभी सुझाव एवं प्रस्ताव को देखते हुए मई 1981 को अबु धाबी में सभी छः खाड़ी देशों के अध्यक्षों ने संगठन के द्वारा निर्मित संविधान पर अपना हस्ताक्षर किया | सभी छः देशो के अध्यक्षों के द्वारा हस्ताक्षर करते ही जीसीसी अपने अस्तित्व में आ गया | बहरीन के हुए उपद्रव के समय सउदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने इस विद्रोह को समाप्त करने के उद्देश्य से अमीरात में एक सैनिक टुकड़ियां भेजीं और इसे शांत किया |

Purpose

मध्य पूर्व देशो के सहमती से स्थापित संगठन का मुख्या उद्देश्य निम्नलिखित है :-

  • GCC के सभी सदस्य देशों में एकता बना रहे, जिसके तहत सभी क्षेत्रों में समन्वय समाकलन और सहयोग स्थापित रहे |
  • यह के सभी सदस्य देशों के नागरिकों के बीच मौजूद आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत और गहरा बनाना |
  • इस संगठन से सभी क्षेत्रों में समान तंत्र का विकसित करना जिससे सभी क्षेत्र का विकास हो |
  • सदस्य देशों के नागरिकों को मदद एवं विकास के लिए उद्योग, खनिज, कृषि, समुद्री संसाधन एवं जैविक संसाधन क्षेत्रों में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति का प्रोत्साहन देना और इसका बढ़ावा देना |

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