गिल्टी के लक्षण और इलाज – Causes and Treatment

By | November 29, 2016

क्या आप जानते है गिल्टी होने के मुख्य वजह, इसके लक्षण और इसका इलाज ? जानिए कैसे इस बीमारी को आप घरेलु उपाय से ठीक किया जा सकता हैं | गिल्टी यानि की Tumor और कई बार इसे ganth भी कहा जाता है | यह एक तरह का बीमारी है जो की हमारे जांघ, गर्दन तथा हमारे शरीर के विभिन अंगो पर गांठ की तरह होता है | यह एक बहुत ही गंभीर बीमारी है, यदि इस बीमारी को शरुआती दिनों में इलाज नहीं किया गया तो यह बीमारी कई घातक बीमारी जैसे की cancer, Tuberculosis (टी.बी) का कारण बन सकता है | शुरुआत में गिल्टी एक छोटे दाने के समान होता है पर धीरे धीरे यह बड़ा होने लगता है और काफी दर्द देने लगता है |

Tonsillitis or Gilti treatment at home

Image Source – https://en.wikipedia.org/

Gilti ka English me meaning hota hai Tonsillitis. Kai baar log Tonsils hone par ise Cancer ka lakshan maan baithe hai. To chaliye ab jante hai Gilti hone ke main karan aur iska ilaj ke bare mein:

गिल्टी के लक्षण / Symptoms of Gilti

Gilti ko English mein Tonsillitis bhi bola jata hai. Aaiye sabse pahle gilti ke symptoms ko jante hai:

  • गले में दर्द रहना  (Pain on throat)
  • हल्का बुखार रहना  (Mild fever)
  • गले में खसखासाहट रहना
  • कुछ भी निगलने में दर्द करना (Feel pain during swallowing)
  • बोलने में कठिनाई महसूस करना  (difficult to speak)

गिल्टी का उपचार  / Treatment of Gilti

गिल्टी को बिना दवा के हम कुछ घरेलु नुस्खो को आपना कर ठिक कर सकते है | यदि इस नुस्खो को आपनाने से गिल्टी ठीक नहीं हो रही हो तो हमे doctor से मिल कर उनसे इलाज करना चाहिए |

  • गर्म कपडे से सेकाई –  यह गिल्टी का सबसे अच्छा घेरुलू इलाज है, जब भी कभी आपको गिल्टी की शिकायत हो तो आप एक मोटा कपडा ले कर उसे हल्का गरम (hot) कर के उसे धीरे धीरे गिल्टी की स्थान में लगाये | इसे कम से कम 5 minute तक करे और daily 3 से 4 बार प्रयोग में लाये, इससे आपको काफी आराम मिलेगा |
  • कचनार की छाल और गोरखमुंडी – कचनार एक पेड़ का नाम है जिसके फुल तथा पत्तियों को सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | गोरखमुंडी एक तरह का घास है | कचनार के सुखी छाल को हल्का पिस कर इसे एक गिलास पानी मिला कर इसे 2 से 3 mint तक boil करे | जब यह घोल अच्छी तरह से boil हो जाये तो इसमें एक चम्मच पीसी हुई गोरखमुंडी को डाल कर पानी को पुनः 2 से 3 mint तक boil करे | आब पानी को ठंडा होने के लिए छोड़ दे, पानी ठंडा होने के बाद इसे छान कर एक साफ बर्तन में रखे | इस पानी को रोजाना दो बार पिने से गिल्टी की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है |
  • नीम – नीम एक बहुत ही उपयोगी वृक्ष है, इस वृक्ष में कई औषधीय गुण मौजूद होते है | गिल्टी की बीमारी को दूर करने के लिए नीम के पत्तो को उबाल कर पीना चाहिए और साथ ही इसके पत्तो को पिस कर इसमें थोडा गुड को मिला कर गिल्टी पर लेप लगाने से काफी फायदा मिलता है |
  • मेथी – गिल्टी को दूर करने के लिए हम मेथी का उपयोग कर सकते है | इसके लिए मेथी के दाने या इसके पत्ते को पिस कर लेप बना ले, लेप बन जाने के बाद लेप को गिल्टी में लगा कर कपडे से बांध दे | इस प्रिक्रिया को रोजाना करने पर गिल्टी से जल्द निजाद पाया जा सकता है |
  • प्याज – प्याज भी गिल्टी के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है | प्याज को घिस कर कर इसे घी में brown होने तक भुने, जब प्याज brown रंग का हो जाए तो इसे गिल्टी में लगा ले और कपडे से बांध कर रखने से काफी फायदा मिलता है |
  • आकडे का दूध – आकडे एक तरह का पौधा होता है आपक इस पौधे के दूध को गिल्टी के उपचार के लिए इस्तेमाल कर सकते है | आकडे के दूध में थोडा मिटटी मिला कर इसका लेप बना कर गिल्टी पर लगाने से आराम मिलता है |
  • नीम और रेंड़ी का तेल – नीम और रेंड़ी के तेल को बराबर मात्र में मिला कर गिल्टी पर रोजाना सुबह शाम मालिश करने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है |
  • चुना– यदि आप गिल्टी से जल्द निजाद चाहते है तो रात को सोने से पहले चुना (limestone) और घी का लेप बना कर गिल्टी पर लगाए |
  • नेनुआ के पत्ता – नेनुआ के पत्ते के रस में गुड को मिला कर इसका लेप बना कर इसे गिल्टी पर लगाने से काफी फायदा मिलता है |
  • बरगद का दूध – बरगद के दूध से भी आप गिल्टी की परेशानी को दूर कर सकते है | बरगद के पेड़ का दूध को गिल्टी पर लगाने काफी फायदा मिलता है |
  • गौमूत्र – यदि आप गिल्टी के कारण होने वाले दर्द से परेशान है तो आप इस परिस्थिति में गौमूत्र में देवदारु को पिस कर इसे हल्का गर्म करे और इसका लेप तैयार कर गिल्टी पर लगाए | इससे आपको गिल्टी के कारण होने वाले दर्द से राहत मिलेगा |

Agar aapko aur koi jankari ya ilaj malum ho jisse gilti ko gharelu upay se thik kiya jaa sakte hai to mujhe jarur bataliye.

Note: Agar Gilti thik nahi ho raha ho to Doctor se contact kijiye.

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