Gripe Water Benefits for Kids in Hindi – ग्राइप वाटर

By | September 23, 2017

क्या आपके doctor ने आपके शिशु के लिए gripe water देने को कहा है? जानिए इसके benefits in Hindi, कैसे यह babies के लिए फायदेमंद है, ingredients और side-effects से जुडी जानकारी | आप अक्सर यह देखे होंगे की बच्चो के पेट सम्बंधित समस्या होने पर लोग बच्चो को gripe water का सेवन कराते है जिससे उनके पेट में उत्पन्न समस्या जल्द ठीक होता है और बच्चा स्वस्थ रहता है | इसे  हिंदी में भी ग्राइप वाटर के रूप में जाना जाता है | क्या आप जानते है इसके इस्तेमाल से हमे क्या लाभ होता है ? अगर नहीं तो आज आपसे इसके फायदे के बारे में बताएँगे |

Gripe Water in Hindi

About Gripe water

यह एक प्रकार का तरल प्रदार्थ है जो नन्हे बच्चो के लिए काफी फायदेमंद होता है | यह बच्चो में होने वाले Reflux, Gastrointestinal, दांत एवं पाचन क्रिया में होने वाले समस्या का समाधान करता है | इस तरल का खोज विलियम वुडवर्ड के द्वारा किया गया था | इनके द्वारा बनाए गये इस तरल में 6% अल्कोहल, डिल तेल, सोडियम बाइकार्बोनेट, चीनी एवं पानी का इस्तेमाल किया गया था | छोटे बच्चों को दी जाने वाली इस दवा में अल्कोहल होने के कारण इसके इस्तेमाल पर ब्रिटेन के लोगों के द्वारा विरोध किया गया, इस कारण ग्राइप वाटर से अल्कोहल को हटा दिया गया | बाद में इसके मिर्माण में इस्तेमाल होने वाले अल्कोहल एवं सूक्रोज के स्थान पर सोडियम बाइकार्बोनेट, सौंफ के तेल एवं डिल का तेल का इस्तेमाल किया जाने लगा | आज निर्माता ग्राइप वाटर को बनने के लिए अलग-अलग घटक का इस्तेमाल करते है |

Gripe Water

Uses of gripe water for newborns


  • Acid Reflux – बच्चे को दूध का सेवन कराया जाता है जो कभी कभी बच्चे के पेट में acid reflux जैसे समस्या को उत्पन्न कर देता है | ग्राइप वाटर में सोडियम बाइकार्बोनेट की उपस्थिति होती है जो पेट में उत्पन्न acid को neutralize करता है और पेट सम्बंधित समस्या का भी समाधान करता है |
  • Treats Trapped wind and Gas – कभी कभी बच्चो के शरीर में हवा एवं गैस समबंधित समस्या होती है जिसमे इनके पेट की मांसपेशियाँ शक्त हो जाती है जिससे हवा प्रवाह रुक जाता है | इस समस्या में gripe water देना चाहिए, इसमे मौजूद dill sead oil पेट के मांसपेशियों के लिए natural soother का कार्य करता है और पेट में फसे गैस को निकलने में काम करता है |
  • Teething – समय के साथ बच्चे बड़े होते है और उनके मुह में दांत निकलने लगता है उस समय बच्चे के शरीर में salivary glands अपने निर्धारित समय से अधिक कार्य करता है जो शरीर में enzyme उत्पन्न करता है जिससे बच्चे का पेट सम्बंधित समस्या उत्पन्न हो जाती है | बच्चे का स्वभाव चिडचिडापन हो जाता है और अनियमित रोते है | इस समस्या का समाधान के लिए बच्चे को इसे देने का सलाह दिया जाता है | यह बच्चे के पेट में उत्पन्न समस्या का समाधान करता है |
  • It Helps Baby Sleep – बच्चे अपने भूख को शान्त करने के लिए दूध पीते है जो पेट में गैस उत्पन्न करता है और पेट में उत्पन्न यह गैस उन्हें काफी चुभता है जिस कारण बच्चे रात भर सो नहीं पाते | अगर आप बच्चे को सोने से पहले निर्धारित मात्रा में इसे देते है तो यह बच्चे के पेट में गैस नहीं बनने देता जिससे बच्चे पूरी रात आराम से सो पाते है |
  • It helps to keep baby’s tummy healthy – इस तरल में अदरक एवं सौंफ शामिल होता है | इसमे मौजूद सौंफ पेट में उत्पन्न होने वाले गैस एवं इसके लक्षणों से हमे मुक्त करता है एवं अदरक पेट समबंधित समस्या का समाधान करता है | इसके इस खूबी के कारण आज गर्भवती महिला के द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता है |
  • Colic – पेट का दर्द आमतौर पर अज्ञात होता है जो बच्चे और माता-पिता दोनों के लिए बहुत अधिक तनावपूर्ण होता है | बच्चे के पेट की समस्या उत्पन्न होने पर बच्चे एवं उनके अभिभावक दोनों परेशान नजर आते है | अगर आपका बच्चा ऐसे समस्या से ग्रषित है तो ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं, बच्चे को निर्धारित मात्रा में रोजाना gripe water का सेवन कराए इससे बच्चे का पेट स्वस्थ रहेगा और पेट सम्बंधित समस्या से जल्द निजात प्राप्त होगा |

Side-effect                   

कभी कभी इस तरल का सेवन कराने के उपरांत बच्चे के शरीर में कुछ समस्या उत्पन्न हो जाती है जो बच्चे को अस्वस्थ बना देता है | अगर बच्चे को gripe water का सेवन कराने के उपरांत निम्न प्रकार की समस्या उत्पन्न हो तो बच्चे को इस तरल का सेवन नहीं कराए और फ़ौरन उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाए |

  • आँखों से पानी का आना
  • ओंठ एवं जीभ में सुजन का होना
  • उलटी का होना
  • शरीर में खुजलाहट होना
  • सांस लेने में बदलाव होना

Note

बाजार में कई ब्रांड के ग्राइप वॉटर उपलब्ध है जिसके इस्तेमाल का तरीका अलग अलग होता है | अगर आप अपने घर के किसी बच्चे को इस तरल का सेवन करा रहे है तो सबसे पहले इसके बोतल पर दिए गये निर्देशों का अवश्य पालन करे साथ ही इसके खुराक पर भी ध्यान दे | निर्देशित खुराक से अधिक नहीं दे | बच्चे को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर का परामर्श अवश्य ले | इससे बच्चे पर इससे होने वाले दुष्प्रभाव को रोका जा सकता है और आप अपने बच्चे को स्वस्थ रख सकते है |

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