How to Register an NGO in India – एनजीओ का रजिस्ट्रेशन

By | September 15, 2017

क्या आप एक गैर सरकारी संगठन को निबंधन करना चाहते हैं? जानिए How to register NGO, इसका process प्रक्रिया, fees और उससे जुडी जानकारी | इसका पूरा नाम “गैर सरकारी संगठन” है जो की एक ऐसा Social voluntary organization है जिसके under में कई सरे Social workers, group of peoples, community, citizen, Volunteers आदि society के Welfare और development के लिए काम करते है । All over India में कुल मिलकर में 1 million से भी अधिक NGO’s होने का अनुमान लगाया गया है।

full form of NGO in Hindi

जब कोई Community या फिर कोई आदमी अपने group के साथ मिल कर social service पर काम करना चाहता है या फिर कर रहा है तो वो बिना registered करवाए हुए हीं NGO के तहत आता है। इससे ये पता चलता है की आप पंजीकरण करवाए बिना भी NGO चला कर social sevice का काम कर सकते है। लेकिन एक registered NGO की value कुछ और हीं होती है । अगर आप अपने NGO को किसी Official Registrar Office से registered करवा लेते है तो आपको government के साथ साथ और भी कई सरे donation देने वाले संस्थओं से भी सहायता मिल सकती है। और अगर आप किसी की help लिए बिना social sevice करना चाहते है तो आपको NGO registered करवाने की अव्यशकता नहीं है ।

किसी भी registered NGO पर सरकार का नियंत्रण legal process के जरिये से होता है । कोई भी NGO अगर किसी संस्था से donation ले कर उसका misuse करती है तो Income tax और दुसरे departments का control उस NGO के activites पर होता है । और यदि अनुदान (donation) सरकार द्वारा ली गई है तो उसका हिसाब किताब भी सरकार हीं करती है ।

एनजीओ की पंजीकरण प्रक्रिया / NGO Registration Process  

Indian law के मुताबिक Non-profit / public charities का registration धारा 25 कंपनियों के अंतर्गत:

  1. Trust,
  2. Society और
  3. Non-profit private limited companies

के रूप में इसका निबंधन हो सकता है ।

अगर आप अपने NGO का registration online करने चाहते है तो http://thenationaltrust.gov.in/auth/ngo-registration.php  पर जा कर online form submit कर दीजिये और आपका रजिस्ट्रेशन हो जायेगा |

1. Trust

Trusts following purposes में से किसी भी एक या फिर एक से ज्यादा के लिए registered कर सकते हैं:

  • गरीबी से राहत;
  • शिक्षा;
  • मेडिकल रिलीफ;
  • Entertainment और Social Welfare facilities आदि ।

अगर आप कोई ट्रस्ट खोलना चाह रहे है तो ट्रस्ट को खोलने के लिए आपको उसी state के Jurisdiction office में registration के लिए एक आवेदन form submit करना होगा। form में आपका नाम,  affidavit , 2 रुपए का कोर्ट फीस स्टाम्प, registration fee,  उत्तराधिकार के बारे में Information और agreement letter होना जरुरी है ।


उसके बाद applicant को Regional Office के अध्यक्ष , Charity commissioner, Regional Officer और  लेखापत्र प्रमाणकारी के सामने form पर अपना sign करना होगा । फिर form को  submit  करना होगा।

2. Society

Societies Registration Act 1860 की धारा 20 के मुताबिक निम्नलिखित सोसाइटियां registered की जा सकती हैं:-

  • Charitable Societies,
  • पब्लिक के लिए Reading room और library खोलने के लिए ,
  • भारत के अलग अलग प्रेसीडेंसियों में स्थापित Military Orphan Fund के लिए,
  • Public Museums और Galleries खोलने के लिए,
  • Science, fine arts और literature को बढ़ावा देने के लिए।

India में संचालित सोसाइटियां Societies Registration Act 1860 के तहत registered होती हैं। बहुत से states में तो Charity Commissioners की नियुक्ति भी होती है। लेकिन इन सभी states में societies को registered करने के लिए Bombay Public Trust Act का पालन करान सबसे जरूरी होता है।

societies registeration के समय organization के बहिर्नियमों के साथ societies के purpose से जुड़ी सभी information का details देना होता है। Managing Committee में atleast 7 members होने चाहिए।

State level पर registration के लिए Registrar of Societies या फिर Registrar of Societies के local office में अपील करना होता है और District Level पर registration के लिए District Magistrate के सामने अपील करना होगा। form जमा करने के समय registration fee के साथ  निम्नलिखित documents का photo copy भी जमा करना पड़ता है ।

  • संस्थापन प्रलेख और Rules and Regulations की एक copy, ये Stamp paper पर नहीं होनी चाहिए ।
  • 20 Rs की Non-judicial stamp paper पर Society Secretary और अध्यक्ष द्वारा जमा किया गया Affidavit.
  • हर Managing Committee के member के तरफ से एक agreement letter,
  • Managing Committee Members से ओर से एक घोषणापत्र जिसमे ये लिखा होन चाहिए की Society funds सिर्फ Society’s goals and objectives को क्रियान्वित करने के लिए use किया जायेगा ।
  • Managing Committee के members द्वारा sign किया हुआ authority letter. 

3. Non-profit private limited companies

Indian Companies Act, 1956 की धारा 25 (1) (a) और (b) के मुताबिक  Commerce, religion, art, charity, और science जैसे important क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए section 25 company की स्थापना की जा सकती है।

Section 25 company के at least 3 ट्रस्टी होने चाहिए। इन कंपनियों को board of Management ही Managing Committee या Board of directors के रूप में Operate करते हैं।

company के registration के लिए आपको form 1A का use करना होगा और अर्जी जमा करने के लिए 500 रुपये भी देने होंगे। आवेदन जमा कर देने के बाद आपको बाकी के rule बता दिए जायेंगे ।

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