जल प्रदुषण के कारण और उपाय

By | July 5, 2016

यह सत्य है की अगर जल प्रदुषण को नहीं रोका गया तो इसके परिणाम भयावह होंगे | चलिए जानते है जल प्रदुषण के प्रमुख कारण और इसे रोकने के उपाय – Water Pollution जैसा की हम सब को बचपन से हीं बताया जाता है की “जल हीं जीवन है” तो ये बात बिलकुल सत्य है। पेड़ – पौधे हो, कोई मनुष्य हो या फिर कोई भी जानवर क्यों ना हो हर किसी को पानी की जरुरत होती है । पानी के बिना कोई भी ज्यादा time तक जिन्दा नहीं रह सकता है । आप को जान कर हैरानी होगी की Human body का 70% part जल होता है । “जल प्रदूषण” से हमारा तात्पर्य है नदियाँ ,तलाब ,समुद्र आदि के पानी का दूषित होना । गन्दा पानी के वजह से कई तरह की बीमारियाँ पैदा होती है जो की पूरे संसार के लिए विनाश का कारण बन सकता है। जल प्रदूषण की problem दिन ब दिन घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही है । आइये हम आपको बताते है की जल प्रदूषण के मुख्य कारण क्या होते है ।

Water Pollution or Jal Pradushan

जल प्रदूषण के कारण / Reason Behind Water Pollution

Agar aap sach mein Jal Pradushan ke nivaran janana chahte hai to usse pahle aapko water pollution ke main karan ko janana padega taki ise sahi tarike se kam kiya jaa sake.

  1. कई जगहों पर आप देखेंगे की लोग घर पर कपड़े और बर्तन धोने के बजाय उसे नदी या तलाब में ले जा कर धोते है जिससे कपड़े और बर्तन की सारी गंदगी, डिटर्जेंट और साबुन वाला पानी सभी नदी व तलाब के पानी में जा कर मिल जाते है और इसी वजह से उसके पानी दूषित हो जाते है । और तो और सभी मछलियाँ और कई तरह के जिव के विनाश का कारण बनता है |
  1. कई जगहों पर लोग अपने घर में नहाने के बजाय तालाब या नदी में जा कर नहाते है, यही नहीं वे लोग जानवरों को भी नदी या तालाब में ले जा कर नहलाते है जिससे उनके बदन की सारी गंदगी पानी में मिल कर उसे दूषित कर देती है।
  1. बचा हुआ खाना या फिर अन्य कोई भी गंदे पदार्थ को बहुत से लोग कचड़े के साथ डाल कर उसे नदी में बहा देते है जो की नदी के पानी में घुल कर उसे गन्दा कर देता है।
  1. बड़े बड़े factories में जितने भी waste समान निकलते है उन्हें कहीं और फेकने या जलाने के बजाय अक्सर नदी में डाल दिया जाता है जिसके कारण नदी का पानी दूषित हो जाता है।
  1. गाँवों में घर घर शौचालय ना होने के कारण वहां के लोग मल–मूत्र के लिए नदियों या तलाबो के किनारे ही जाते है और वहीँ का पानी भी इस्तेमाल करते है। नदियों या तालाबों में मल मूत्र बहाना या उसके किनारे में जा कर मलमूत्र करना ये सभी जल प्रदूषण के बहुत बड़े कारण होते है ।
  1. कई स्थान पर जहाँ लोग किसी नदी के किनारे में बस गए है वहाँ के लोग किसी भी व्यक्ति के मरने पर उनके लाश को जलाने के बजाय नदी में बहा दिया करते है । जैसे जैसे लाश सड़ कर गलने लगते है वैसे वैसे पानी में कीटाणुओं की संख्या बढ़ने लगती है। नदियों में लाशें का बहाना, जल को दूषण करने का कारण होता है।
  1. अक्सर आप देखेंगे की कई festival में मूर्तियों की पूजा हो जाने के बाद लोग समुन्द्र, नदी या फिर तालाबो में बड़े बड़े मूर्तियों का विसर्जन करते है । ये भी जल प्रदूषण के कारणों में से एक होता है ।  हमें चाहिये की festival के समय ऐसे मूर्तियों का उपयोग करे जिसमें प्राकिर्तिक रंगों का इस्तेमाल किया गया हो ताकि जल में प्रदुषण ना फैले |
  1. जब कभी भी कहीं के नदी या तलाब के जल का Nuclear test किया जाता है तो उस test के दवरान जल में कुछ Nuclear particle रह जाते है जो की जल को दूषित करते हैं।
  1. किसानो द्वारा खेत में इस्तेमाल किये जाने वाले रासायनिक उर्वरकों का तथा खादों का नदी या तलाब के पानी में घुलना भी जल को प्रदूषित करता है ।
  1. हवा में मौजूद gas और dust जब वर्षा के पानी में मिल जाते है और फिर ये पानी जिस जिस जगह पर जमा होते है, वहां का जल भी दूषित हो जाता है।

जल प्रदुषण को रोकने के उपाय

हम सभी जानते है की जल ही जीवन है और अगर इसे समय रहते ठीक नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं है जब एक देश दुसरे देश से केवल पानी के लिए लडेगा | Best solution यही है की water pollution को control किया जाये और इसे रोकने के उपाय खोजा जाये | To chaliye jante hai wo kaun se aasan tarike hai jise apnakar jal pradushan ko roka jaa sakta hai:

1) तालाब या नदी में बिलकुल भी कपडे या बर्तन नहीं धोये | अक्सर देखा गया है की धोबी या आस पास के रहने वाले लोग पकडे और बर्तन तालाब में धोते है | इसे रोकने के लिए, आपस में एक group बना कर उन्हें जागरूक किया जा सकता है, ताकि तालाब का पानी पिने लायक रहे और उसमें रहने वाले जिव जंतु जैसे मछलियाँ को किसी प्रकार की हानि ना हो |

2) जानवरों (भैस) को तालाबो में ना नहाने दें, क्यूंकि तालाब का पानी स्थिर रहता है और जानवरों के नहाने से यह धीरे धीरे गन्दा हो जाता है और बाद में किसी भी चीज के लिए उपयोगी नहीं रह जाता है |

3) लोगों को नहाने (खास कर साबुन या शैम्पू के साथ) मन करे |

4) घरों से निकलने वाले पानी में कम से कम chemical का उपयोग करे ताकि पानी मिट्टी में जा कर उसे दूषित ना करे |

5) Cities, Town और Villages में हर साल कम से कम एक बार तालाबो को साफ़ करे और तालाबों के आस पास जमे कचड़े को हटा दिया करे |

6) जहाँ तक संभव हो वहां पर phosphate free soaps का ही इस्तेमाल करे ताकि पानी दूषित ना हो |

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