Kele ki Vaigyanik Kheti Jankari – केले की खेती

By | December 8, 2015

Janiye kis tara se Kele ki Vaigyanik kheti ki jai puri jankari se saath |  अगर आप केले (Banana) की खेती करने का सोच रहे है तो इस खेती के लिए वैज्ञानिक तकनीको को अपनाएं। केले की खेती से किसानो को काफी मुनाफा हो सकता है क्योंकी केला पका हो या फिर कच्चा बाज़ार में इन दोनों के अच्छे दाम मिल जाते है । केले के अच्छे उपज के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखना होता है जैसे की भूमि और मिट्टी का चयन , पौधे की सिंचाई, आदि । तो आइये हम जानते है  कैसे करे केले की खेती ।

Kele ki Kheti kaise kare aur tips

Banana Farming Tips and Guide / केले की खेती की जानकारी

Kele ki kheti un ilakon mein acchi hoti hai jahan samtal jamin ho. Bihar, Tamil Nadu, Uttar Pradesh may Kele ki acchi kehti hoti hai aur kisan bhai accha munafa bhi kamate hain. Agar scientific tarike se Banana farming ki jaye to kisan bhai 1 acre land mein aasani se Rs 1,00,000 se Rs 1,75,000 ek season mein kama sakte hain.

जैसा की सभी जानते है की केले खाने के कई फायदे है और इसकी मांग सालो भर रहती है, इसलिए भी यह एक अच्छे रोजगार के रूप में अपनाया जा सकता है |

Niche di gayi jankari se papite ki acchi kheti ki jaa sakti hai:

जलवायु  

केले की खेती में अच्छे उपज की प्राप्ति उसके जलवायु पर depend करता है । पश्चमी और उत्तरी भारत में केले के बिज रोपन का सही समय मानसून के शुरुआत में होता है जो की जून या जुलाई का महिना होता है।

भूमि का चयन व तैयारी  

वैसे तो केले की खेती सभी प्रकार के मिट्टी पर की जा सकती है लेकिन दोमट मिट्टी जिसमे जल निकासी की अच्छी व्यवस्था हो तो उसे सबसे सर्वोतम माना जाता है । बीज रोपने से पहले मिट्टी पलटने वाली हल द्वारा भूमि की अच्छे से जुताई कर लेनी चाहिए साथ ही मांदा निर्माण कर के केले की खेती करने से अधिक उत्पादन होता है ।

बीज रोपन  

बिज रोपने से पहले भूमि को गहरा जुताई कर के उसे भुरभुरा बना लेना चाहिए और फिर उस भूमि को ट्रेक्टर या पाटा द्वारा समतल बना देना चाहिए। जब खेत अच्छे से तैयार हो जाये तो फिर उसमे 50 cm लम्बा, 50 cm चौड़ा और 50 cm गहरा गड्ढा खोद लेना चाहिए । केले के रोपन के वक़्त ऊँची जाती के पौधों को 3 m और छोटे जातियों के पौधों को 2 m की दूरी पर रोपना चाहिए ।

सिंचाई प्रबंधन  / Irrigation Management 

केले के खेती में सिंचाई की अव्यश्कता भूमि और जलवायु पर निरभर करता है। अगर पौधे को  रोपने के बाद एक दो दिन के अन्दर वर्षा ना हो रही हो तो तुरंत सिंचाई कर देनी चाहिए । जाड़े के मौसम में लगभग 10 से 12 दिनों के अंतर में और गर्मी की समय लगभग 5 से 7 दिनों के अंतर में सिंचाई करनी चाहिए । 

खाद प्रबंधन 

केले के खेती में अच्छे उपज के लिए कृषि वैज्ञानिको द्वारा बताए गए तरीको से खाद देनी चाहिए। पौधे को रोपने समय गड्ढे में गोबर (cow dung) की खाद 20 kg, nitrogen 100 gram, सल्फर (sulfur) 150 gram और पोटाश (potash) 150 gram देना चाहिए । 

रोग / किट पतंग / Common Diseases  

केले के पौधे को रोगों से बचाने के लिए थोड़ी सी सावधानी बरतनी पड़ती है । तना विविं और माहू ये दोनों केले के पौधे में लगने वाले कीटो के नाम है ।

केले के पौधों को प्रभावित करने वाले रोगो का नाम है :-

  • पनामा रोग:- इस रोग से 50 प्रतिशत से अधिक फसल का नुकसान हो जाता है।
  • बंची टॉप रोग
  • पण चत्ति रोग

केले के पौधों में लगने वाले इन रोगों और कीटो से बचने के लिए वैज्ञानिको की सलाह अनुसार फफूंदी नाशक दवाइयों का इस्तेमाल करनी चाहिए ।

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8 thoughts on “Kele ki Vaigyanik Kheti Jankari – केले की खेती

  1. azaz ahmed

    mera name azaz ahmed hai mai bihar ke motihari jila se hu mai kela ke kheti karna chata hu kripyua mujhe iski aur jankari de

    Reply
    1. Bhagat Post author

      Azaz ji,

      Mothihari mein to kafi sare kisan bhai kele ke kheti kar rahe hai. Accha to yahi hoga ki aap kisi najdiki kisan se ja kar unke saath 1-2 month kaam kijiye taki aapko pura pratical knowledge mil jaye. Agar aapko aur koi jankari chahahiye jo ki yahan par nahi di gayi hai to poochiye.

      Reply
  2. MOHAMMAD RAYEES

    केले के पौधे कहा से प्राप्त करे खेती शुरु करने के लिए

    Reply
    1. Bhagat Post author

      आप नजदीकी नर्सरी से केले के पौधे ले सकते हैं

      Reply
  3. Bhola yadav

    Kele me prati pouda khad kitne Matra me dale our koun koun se khad pouda legate samaya kripia jankari de

    Reply

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