Krishna Janmashtami Date, Time, Fasting Rules 2017

By | December 20, 2016

Find the Krishna Janmashtami actual date and time for 2017, fasting rules, reason and puja vidhi with Nirjal Fast  and Phalahar Vrat in Hindi – जन्माष्टमी | “कृष्ण जन्माष्टमी” हिन्दू धर्म का एक पवित्र पर्व है | यह पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है | हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार श्री कृष्ण भगवान विष्णु के आठवे अवतार के रूप में मथुरा असुर राज कंस की बहन देवकी के कोख से इसी दिन अवतरित हुए थे | कहा जाता है की श्री कृष्ण का जन्म देवकी के कोख से हुआ परन्तु इनका लालन – पालन यशोदा और नन्दबाबा के द्वारा किया गया | भगवान विष्णु का आठवा अवतार श्री कृष्ण के रूप में असुर कंस का वध करने के लिए लिया गया था |

Fasting rules of Janmastami

Birth Anniversary of Lord Krishna

ग्रंथो के अनुसार जन्माष्टमी उत्सव हिंदी मैश के अनुसार भाद्र मास कृष्ण पक्ष के अष्टमी को मनाया जाता है | इसे आप यह भी कह सकते है की इस पर्व का आयोजन रक्षाबंधन से ठीक आठ दिन बाद मनाया जाता है | पुरे भारत वर्ष में जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है | यह त्यौहार भारत के साथ साथ अन्य देश पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिजी में भी इस उत्सव को बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है |

Krishna Janmashtami Puja Date – 14th August 2017

भारत के कई स्थानों पर इस उत्सव में कई प्रकार के आयोजन किये जाते है जैसे दही हांड़ी | दही हांड़ी का आयोजन भगवान कृष्ण के बाल लीला को लोगो के समक्ष जीवंत बनाए रखने के लिए रखा जाता है | श्री कृष्ण बचपन से ही बहुत शरारती और नटखट थे और इन्हें माखन अति प्रिये था | माखन खाने के लिए ये अपने मित्रो के साथ अक्सर माखन चोरी किया करते थे और कई बार पकडे भी जाते थे | माँ लक्ष्मी पूजा विधि यहाँ पर पढ़े |

Rules for Janmashtami Fasting / जन्माष्टमी पूजा के नियम

कहा जाता है की जन्माष्टमी व्रत करने से मनुष्य की सारी मनोकामनाए जल्द पुर्ण होती है | इस व्रत को करने वाले पूरे दिन उपवास रखते है | जन्माष्टमी में उपवास दो प्रकार से रखा जाता है, एक है निर्जला और दूसरा फलाहार उपवास |

निर्जला उपवास – निर्जला उपवास में व्रत करने वाले पूरे दिन अन्न और पानी का ग्रहण नहीं करते, और व्रत के ख़त्म होने पर अपने उपवास को तोड़ते है और भोजन ग्रहण करते है |

फलाहार उपवास – जिनसे निर्जला उपवास नहीं किया जाता वे फलाहार उपवास करते है और दिन में दूध या फल का सेवन सकते है |

जन्माष्टमी उपवास से सम्बंधित कुछ जरुरी बाते इस प्रकार है :-

  • उपवास के दिन सुबह घर की सफाई कर ले |
  • तत्पश्चात स्नान कर भगवान श्री कृष्ण की पूजा करे और प्रसाद के रूप में दूध से सम्बंधित पकवान बनाकर भोग लगाए |
  • पूजा के उपरांत आप दिन भर निर्जला उपवास रहे या दिन में एक बार भोजन ग्रहण करे परन्तु ध्यान रहे की भोजन में फल या दूध हो, अनाज का सेवन नहीं करे |
  • उपवास के दिन अपना समय भगवान के गुणगान, और भगवान कृष्ण की भक्ति भजन में लगाए |
  • उपवास का समापन अष्टमी तिथि और साथ ही रोहिणी नक्षत्र की समाप्ति पर की जाती है |

Iske alawe jis din aap Janmashtami puja ka fasting rakh rahe ho us din jooth bilkul na bole, acche vichar rakhe aur logon se prem bhawan se baat kare.

Iske alawe aap all festivals names yahan par jaan sakte hain.

Benefits of Janmashtami Fasting / जन्माष्टमी पूजा के फायदे

  • Science भी पूजा या उपवास करना मानव शरीर के लिए लाभदायक बतलाया है, जिससे हमारे पेट को आराम करने का मौका मिलता है
  • दोनों हाथो को जोड़ कर प्रणाम करना हिन्दू परम्परा है परन्तु acupressure के अनुसार दोनों हाथो को जोड़ने से दोनों हाथ आपस में मिलते है और हमारे हाथ में मौजूद pressure points को active करता है |
  • उपवास करने से हमारे body में मौजूद Insulin और Hormones के कार्य करने की क्षमता बढती है और हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में कारगर सिद्ध होता है |

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