Mata Laxmi ji ki Aarti aur Thali in Hindi – लक्ष्मी जी की आरती

By | October 6, 2016

Kya aap is Diwali Mata Laxmi ji ki Aarti karna chahate hai? Janiye puja mein lagne wali thali samagri, mantra, lyrics apni bhasa Hindi mein – जय माता लक्ष्मी | जैसा की हम सभी जानते है की हिन्दू धार्मिक शास्त्रों के अनुसार Goddess Lakshmi को wealth और majesty की देवी के रूप में पुर जगत में पूजा  जाता है । पूरे भक्ति और श्रद्धा के साथ जो कोई भी goddess lakshmi की पूजा करता है उसे  अवस्य हीं धन व स्मृद्धि हासिल होती है । goddess lakshmi जी की पूजा विशेष तौर पर dipawali के दिन किया जाता है । लोग माता लक्ष्मी की उदारता और धन पाने के लिए इनकी पूजा करते है । लोगो का ये भी मनना है की लक्ष्मी जी का घर में प्रवेश करवाने के लिए घर  का एक एक कोना साफ सुथरा रखना होगा । इसलिए सभी हिन्दू family वाले लक्ष्मी पूजा से पूर्व अपने घरो की साफ़ सफाई करते है ।

How to perform Goddess Laxmi Puja Arti at home

जब कभी भी goddess lakshmi की पूजा होती है तो उनसे पहले Lord Ganesha की भी पूजा की जाती है । पूरे विधि के साथ जब Shri Ganesha की पूजा हो जाती है तब जा कर Mata Lamxi की पूजा की जाती है । इनकी पूजा को भी पूरी हो जाने के बाद last में इनकी arti की जाती है । श्री लक्ष्मी जी की पूजा व ध्यान करने हेतु उनके मंत्रों को पढ़ने के साथ साथ उनकी आरती भी की जाती है । पूजा के द्वरान पढ़ने वाले लक्ष्मी जी की मंत्र और इनकी आरती करने का तरीका हम आपको निचे बताने जा रहे है ।

लक्ष्मी जी का मंत्र 

लक्ष्मी विनायक मंत्र :-

।। ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ।।

लक्ष्मी गणेश ध्यान मंत्र :-

।। दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघंट त्रिनेत्रम । धृताब्जयालिडगितमाब्धि पुत्र्या – लक्ष्मी गणेशं   कनकाभमीडे ।।

आरती की थाली की सामग्री 

आपको निचे बतालए गए पूजा सामग्री की जरुरत होगी जो की आपको नजदीकी puja store से मिल जायेगी:


  • एक थाली,
  • चन्दन, रोली, सिन्दूर, अक्षत (कच्चा चावल)
  • पान पा पत्ता,
  • सुपारी,
  • कपूर , अगरबत्ती ,
  • एक घंटी , फूल और कुछ सिक्के ।

श्री लक्ष्मी जी की आरती करने का तरीका 

  • आरती के लिए आरती की थाली को पहले से हीं ready कर के रख लें ताकि पूजा के बाद आपको आरती करने में ज्यादा देरी ना हो ।
  • अब लक्ष्मी जी की पूजा complete हो जाने के बाद आरती की थाली को ले कर खड़े हो जाएँ |
  • उसके बाद थाली में पान के पत्ते के ऊपर कपूर जला कर एक हाँथ से आरती करें और दुसरे हाँथ से घंटी बजाएं ।
  • यदि आरती करने time आपके साथ कोई और व्यक्ति भी है तो आप उन्हें भी घंटी (bell) बजाने के लिए दे सकते है |
  • आरती में शामिल सभी लोगो को मन लगा कर आरती गानी चाहिए ।
  • यदि किसी को भी आरती याद नहीं है तो वे आरती की किताब से भी देख कर आरती गा सकते है ।
  • आरती के बाद सभी देवी देवता को आरती दिखाएँ और फिर आरती में शामिल हुए सभी व्यक्ति को आरती दें ।
  • आरती के थाली में मिले दक्षिणा को किसी मंदिर में या फिर या किसी ब्राहमण को दान दे दें।

Laxmi Ji ki Aarti Lyrics

तो चलिए इस शुभ मौके पर दिवाली के दिन की जाने वाली लक्ष्मी माता जी की आरती की lyrics जानते है:

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्र्वरी |

हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |

तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
उमा ,रमा,ब्रम्हाणी, तुम जग की माता |

सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
दुर्गारुप निरंजन, सुख संपत्ति दाता |

जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धी धन पाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता |

कर्मप्रभाव प्रकाशनी, भवनिधि की त्राता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
जिस घर तुम रहती हो, ताँहि में हैं सद् गुण आता ।

सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता |

खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता………..

 

शुभ गुण मंदिर सुंदर क्षीरनिधि जाता ।

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता |

उँर आंनद समाता, पाप उतर जाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
स्थिर चर जगत बचावै ,कर्म प्रेर ल्याता |

रामप्रताप मैया जी की शुभ दृष्टि पाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता….
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |

तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥

ॐ जय लक्ष्मी माता…

अगर आपको इसमें कोई गलती मिलती हो तो मुझे बेहिचक बतालए ताकि इसे ठीक किया जा सके, आपकी दिवाली मंगलमय हो |

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