Maa Laxmi ji ki Puja Vidhi – लक्ष्मी जी की पूजा विधि

By | October 24, 2015

Diwali aate he hamare man mein Lakxmi Puja Vidhi ki jankari lene ke hod si lag jati hai. Aiye jante hai Maha Laxmi ji ki puja kaise kare is 2016 year mein. महा लक्ष्मी जी की पूजा दीवाली के दिन की जाती है। इस दिन गणेश भगवान की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है की माँ लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा करने से घर में घन आजाने के बाद मन विचलित नहीं होता। लक्ष्मी माँ के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा करनी चाहिए क्योंकि इनकी पूजा से लक्ष्मी माँ खुश होती है aur धन प्राप्ति  में अच्छे लोगों की सहायता होती है । भगवान गणेश और भगवान विष्णु के साथ साथ भगवान कुबेर, भगवान इंद्रा और माता सरस्वती की भी पूजा महा लक्ष्मी के साथ की जाती है ।

Goddess Laxmi Puja Vidhi

लक्ष्मी पूजा की सामग्री :-  

  • रोली, अक्षत, फल, फूल, माला, मिठाई, धुप, इत्र(खुशबू),
  • लकड़ी की चौकी, लाल कपड़ा चौकी पर बिछाने के लिए
  • सुपारी, धनिया का बिज, रुई के बिज
  • सुखी हल्दी, घी, दीया, अगरबत्ती, कमल का फूल (Lotus Flower माँ Laxmi जी को प्रिय है)
  • चांदी का सिक्का या अगर यह उपलब्ध ना हो तो कुछ पैसे रखे  ।

माँ लक्ष्मी पूजा की विधि / Laxmi Puja Vidhi

  1. सबसे पहले लाल रंग के वस्त्र को लकड़ी के चौकी बिछाएं फिर उस पर महा लक्ष्मी जी की एक ऐसी तस्वीर को रखे जिनके एक ओर, गणेश भगवान और दूसरी ओर सरस्वती माँ की तस्वीर को रखे।
  2. अब तस्वीर के सामने विष्णु ,कुबेर और इंद्रा भगवान के नाम से एक लाइन में तीन जगह थोड़ा थोड़ा अक्षत को रखे ।
  3. उसके बाद एक घी के दीये को जला कर भगवान के सामने रख दे (इस दीये को रात भर जलने दे)।
  4. अब हाँथ जोड़ कर भगवान से प्राथना करे ।
  5. अब सबसे पहले गणेश भगवान की पूजा करे । Lord Ganesha ki Puja is tarah se kare:
  • सबसे पहले गणेश भगवान को रोली अक्षत का तिलक लगायें।
  • फिर उन पर इत्र (खुशबू) छिड़क कर उन्हें फूल, माला , फल और मिठाई अर्पित करे ।
  • अब उन्हें धुप दिखाए ।धुप दिखने के बाद गणेश भगवान को दीया दिखाए ।
  1. अब लक्ष्मी माँ की पूजा करे / Maa Laxmi Mantra

सबसे पहले मंत्र पढ़ते हुए माँ लक्ष्मी पर जल छिड़के। मंत्र है :


ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।
यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥
पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः
कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥

  • सबसे पहले लक्ष्मी माँ के माथे पर रोली अक्षत का तिलक लगायें, अक्षत लगते समय या मंत्र पढ़े:-    अक्षताश्च सुरश्रेष्ठ कुंकुमाक्ताः सुशोभिताः।।
    मया निवेदिता भक्त्या गृहाण परमेश्वरि ।।
    ॐ महलक्ष्म्यै नमः। अक्षतान समर्पयामि ।।
  • अब उन पर इत्र छिड़क कर उन्हें मंत्र के साथ फूल और माला चढ़ाए। मंत्र है :

माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो ।।
ॐ मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि ।।
ॐ महालक्ष्म्यै नमः । पुष्पमालां समर्पयामि ।।

  • फिर धनिया का बिज, रुई का बिज, सुखी हल्दी, चांदी का सिक्का, पैसे, सुपारी, फल और कमल का फूल एक एक कर के लक्ष्मी माँ पर चढ़ाए।
  • अंत में धुप और दीये दिखाए ।
  • पूजा करने के बाद आप लक्ष्मी माता की आरती पढ़े – इसे यहाँ पढ़े विस्तार में |
  1. अब भगवान विष्णु के नाम से रखे अक्षत की पूजा करे ।
  • सबसे पहले अक्षत पर इत्र छिड़क कर फूल चढ़ाए।
  • फिर फल चढ़ा कर धुप दिखाएँ ।
  • अब भगवान विष्णु से प्राथना करे की वो महा लक्ष्मी के साथ आयें ।
  1. अब भगवान कुबेर के नाम पर राखी अक्षत की पूजा करे ।
  • सबसे पहले अक्षत पर इत्र छिड़क कर फूल चढ़ाए।
  • फिर फल चढ़ा कर धुप दिखाएँ ।
  • अब भगवान कुबेर से प्राथना करे की वो भी महा लक्ष्मी के साथ आपके घर आयें और धन का सुख प्रदान करे।
  1. अब भगवान इंद्रा के नाम से राखी अक्षत की पूजा करे ।
  • सबसे पहले अक्षत पर इत्र छिड़क कर फूल चढ़ाए।
  • फिर फल चढ़ा कर धुप दिखाएँ ।
  • अब भगवान इंद्रा से प्राथना करे की वो भी महा लक्ष्मी के साथ आपके घर आयें और आपको समृद्धि दे।
  1. अब माँ सरस्वती की पूजा करे ।
  • सबसे पहले इन्हें तिलक लगाये ।
  • फिर इन पर इत्र छिड़के ।
  • अब माँ सरस्वती पर फूल और फल चढ़ाए ।
  • फिर धुप दिखाए ।
  1. अंत में सभी भगवान को दीया दिखाए ।
  2. अब खड़े हो कर माँ लक्ष्मी की आरती करे ।

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