Mahavir Singh Phogat Biography, Story, Family, Daughters

By | January 8, 2017

Janiye Mahavir Singh Phogat ke Biography ke bare mein jo ki Dangal movie mein aaye the. जानिए उनकी story, daughter, family और success की कहानी | कुश्ती एक ऐसा खेल है जिसे भारत में बहुत ज्यादा महत्व दिया गया है । Dara Singh, Sushil Kumar जैसे और भी कई सारे पहलवान है जिन्होंने अपनी पहलवानी से भारत देश का नाम रौशन किया है । इन सब के अलावा “महावीर सिंह फोगाट” भी एक ऐसे पहलवान है जिन्होंने देश का नाम रौशन किया है। आज हम आपको “Mahavir singh phogat” की पूरी life की story बताने जा रहे है ।

Mahavir Singh phogat biography in Hindi

Mahavir Singh Phogat Biography / महावीर सिंह फोगाट की जीवनी

Real Name Mahavir Singh Phogat
Birth Place Haryana, India
Profession Former Indian Wrestler
Height 5.7 feet
Weight 90 Kg
Wife Shobha Kaur
Children Daughter: Geeta Phogat, Babita Kumari, Ritu & Sangita
Brother Late Rajpal Singh Phogat

Life Story of Mahavir Singh Phogat

“Mahavir singh phogat” एक famous पहलवान है जो की हरियाणा के एक “बालाली” नामक गाँव के रहने वाले है । महावीर सिंह फोगाट कई states के रेस्लिंग (कुश्ती) champion रह चुके है। आपको बता दें की एक समय में ये पहलवान दिल्ली के famous चांदगी राम अखाड़ा की शान भी कहलाते थे । ये एक गरीब परिवार से belong करते थे । इनका सपना था की ये किसी भी तरह से भारत को कुश्ती में International level पर gold medal दिलवाए जो की वे गरीबी के कारण खुद नहीं कर पायें थे। महावीर सिंह फोगाट चाहते थे की उनका बेटा उनके इस सपने को पूरा करे और India के लिए gold medal जीत कर लाए।

Family / परिवार 

लेकिन महावीर सिंह फोगाट और उनके पत्नी को एक भी बीटा नहीं हुआ । उनकी एक के बाद एक 4 बेटियां हीं हुई, जिसका नाम गीता ,बबीता, रितु और संगीता था। इन चारो के बाद महावीर को एक बेटा भी हुआ जिसका नाम दुष्यंत था । महावीर सिंह फोगाट अपने भाई के एक बेटे को भी अपने साथ हीं रखता था जिसका नाम ओमकार था । लगातार चार बेटियां हो जाने पर पहले तो महावीर सिंह फोगाट थोड़ा निराश हो गया । उन्हें लगा की अब भारत को gold medal दिलाने का उनका सपना पूरा नहीं हो पायेगा । लेकिन फिर अपने सपने को साकार करने के लिए इन्होने अपने अपनी बेटियों से पहलवानी करवाने की ठान ली ।

Success Story / सफल की कहानी 

Daughters of Mahavir Singh Phogat

Image Source – Twitter

महावीर सिंह फोगाट ने सबसे पहले अपनी सबसे बड़ी बेटी गीता और उससे छोटी बबीता से पहलवानी करवाने की ठान ली । बालाली गाँव में जहाँ लड़कियों को परदे में रखा जाता था वहां महावीर सिंह फोगाट गीता और बबीता से पहलवानी करवाने का सोच रहे थे। जब ये बात उन्होंने  गीता और बबीता से कही तो वो दोनों भी हैरान रह गई । ना चाहते हुए भी वे दोनों अपने पीता को माना नहीं कर सकी ।


फिर क्या था जैसे हीं गीता और बबीता 5 years की हुई महावीर सिंह फोगाट ने इनकी training खुद हीं शुरु कर दी । starting में तो महावीर ने अपनी बेटियों को गाँव के हीं खेतो में सुबह सुबह खूब दौड़ाया । उसके बाद अपनी दोनों बेटियों को उसके हीं चचेरे भाई ओमकार के साथ कुश्ती करवाते थे । पहले तो गीता और बबीता हर रोज कुश्ती ना करना पड़े इसके लिए कोई ना कोई बहानेबाज़ी करती रहती थी लेकिन पिता के आगे उनके बहाने कोई काम ना आए । महावीर पर उस वक्त इतना जूनून सवार हो गया था की वो अखाड़े की बात को गीता और बबीता से खाने के समय या फिर कोई और भी काम करते हुए बताते रहते थे। अपने पिता की इन हरकतों से दोनों बहुत परेशान रहती थी।

महावीर ने गीता और बबीता के लम्बे लम्बे बालो को भी कटवा कर बिलकुल हीं छोटे करवा दिए थे। जब वे दोनों school जातीं थी तो school के सभी बच्चे उन दोनों का मज़ाक उड़ाते थे । यही नहीं गली मोहल्ले के लोग भी गीता और बबीता का मज़ाक उड़ाने लगे थे । लेकिन इन सब बातो का  उनके पिता महावीर सिंह फोगाट पर कोई असर नहीं हुआ । वे अपने इरादे पर डटे रहे और अपनी बेटियों को training देते रहे । चचेरे भाई से कुश्ती करवाने के बाद महावीर अपनी बेटियों को कुश्ती के दांव-पैच सिखाने लगे और धीरे धीरे उन्हें गाँव में होने वाले कुश्तियों में हिस्सा लेने को कहा जहाँ अखाड़े में उन्हें दुसरे लड़को के साथ कुश्ती करना था । पहले तो लोग इसका बहुत विरोध करने लगे लेकिन जब गीता और बबीता ने अपनी पहलवानी से लड़को को हराना शुरु किया तो लोगो का मुँह बंद हो गया ।

फिर क्या था पिता की कड़ी मेहनत की वजह से अहिस्ता आहिस्ता वे दोनों अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने लगी । पीता से training लेने के बाद गीता और बबीता बड़े-बड़े अखाड़े में कुश्ती के लिए जाने लगी।

Achievements / उपलब्धियां

उसके बाद पिता के कहने पर 2010 में गीता ने पहली बार भारत के लिए खेला जहाँ उसने Commonwealth Games  में gold medal जीता । उस समय गीता पहली भारतीय महिला पहलवान थी जिसे Olympics के लिए  चुना गया था । 2012 के World Wrestling Championship में गीता ने Bronze Medal जीत कर दोबारा भारत का नाम रौशन किया ।

गीता के बाद 2014 में हो रहे राष्ट्रमंडल खेल में बबीता ने भी gold medal जीत कर भारत का नाम रौशन किया । आगे की training के लिए महावीर ने अपनी बेटियों को Sports Authority of India में दाखिला करवा दिया । उसके बाद 2013  silver और 2015  के Asian Championships में bronze medal जीती । महावीर की छोटी बेटी रितु भी रेसलर है ।

गीता और बबीता की जीत का पूरा श्रेय उनके पिता महावीर सिंह फोगाट की मेहनत और उनके विश्वाश को जाता है क्योंकि एक छोटे से गाँव में रहने के बावजूद भी उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को पहलवानी करवाई ।

दिसम्बर 2016 में इस मशहूर पहलवान के जीवन पर एक Film भी बनाई गई थी जिसका नाम “दंगल” है । इस film में महावीर सिंह फोगाट का role film industry के famous actor “Aamir Khan” ने किया है ।

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