Meditation Kaise Kare – Iske Fayde aur Health Benefits

By | April 6, 2016

Aaiye jante hai ki Meditation Kaise Kare? Ise kai baar Dhyan Lagana bhi bola jata hai.  मैडिटेशन योग (Yoga) का एक हिस्सा है। मैडिटेशन एक सरल व्यायाम (easy exercise) है जो मन की परिपूर्णता के गुणों के साथ आप को अपने आप से परिचित करने के लिए एक अच्छा ज़रिया है। ध्यान विभिन्न आध्यात्मिक विषयों में निहित है इसे हजारों सालों (thousands of years) से विकसित किया गया है । मैडिटेशन की मदद से आप अपने मन को शांत, स्पष्ट और दयालु बना सकते हैं। साथ ही अगर आप इसे अपने दिनचर्या में नियमित रूप से अपनाते है तो ये आपको फिट रखता है और आप बेहतर महसूस करते हैं। मैडिटेशन किसी भी प्रकार में मुश्किल या असंभव नहीं है इसे सही तरीके से सिखने और अपनाने के लिए आपको कुछ समय और अभ्यास की ज़रूरत है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि ध्यान से वास्तव में हमारे दिमाग के आकार में परिवर्तन आता है।

Meditation Kaise Kare - Dhyan kaise lagaye

ध्यान लगाने से पहले हमें उसे करने के सही तरीके जान लेने चाहिए, गलत तरीकों से मैडिटेशन का असर नहीं होगा और गलत प्रभाव भी हो सकता है। Isliye yah jaruri hai ki meditation ko sahi tarike se kiya jaye nahi to galat tarike se iska ulta result bhi ho sakta hai. आजकल की भाग दौड़ के जनजीवन में अगर आप ध्यान लगाते हैं तो आपको काफी बीमारियों को सामना करने में मदद मिलेगी जैसे की:चिंता, डिप्रेशन, अनिद्रा, अधिक भूख लगना, बुरी आदत, कार्य में ,ध्यान की कमी, कमजोर पाचन प्रणाली, अत्यंत थकावट।

Dhyan Kaise Lagaye?

Agar aap sahi tarike se dhyan laga paynege ko aapko na kewal man ki shanti milegi balki aapko fresh aur accha bhi lagega. To chaliye jante hai aakhir Meditation kaise kiya jata hai aur ise kaise karte hain step by step. Iske alawe meditation karne ka mantra bhi niche diya hua hai:

Process of Meditation / ध्यान की प्रक्रिया 

ध्यान लगाने की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण यह है की आप इसकी आदत लगाएं, साथ ही ध्यान के आसन में सही और आरामदायक तरीके से बैठें। आप किसी कुर्सी पर बैठें या पालथी कर के बैठें बस यह बात सुनिश्चित करें की रीढ़ एक दम सीधी रहे, यह आपके सिर से जुडी होती है। आपका शरीर अच्छी तरह से संतुलित है, तो आपके मन में भी संतुलन बनाये रखेगा।

कोशिश करें की आंखें खुली रहे, अगर आंखें बंद रखते हैं तो ये आपका ध्यान भंग करेगा आप आसपास होने वाली चीजों के बारे में सोचने लगेंगे। कुछ लोग बंद आँखों के साथ ज्यादा सही महसूस करते हैं।

यह आपको जानना जरुरी है की आपको किस अवस्था में आराम मिल सकता है। साधारण चेतना में हम शायद ही कभी मौजूद हों। आपने आप को जागरूक रखने के लिए आपक कुछ भी कर सकते हैं जैसे की आप अपनी सांस के प्रयोग से इसे अपना सकते हैं। आपको इसके लिए अपनी सांस को अंदर करते हुए धीरे धीरे उसे बाहर छोड़ना है। सांस लेते समय ध्यान रहे की आप अपने आप को नुक्सान न पहुंचा रहे हों, शुरुआती दिनों में आप 5-10 मिनिट ही करें, वरना आपको चक्कर आ सकते हैं और दिल की धड़कन पर भी असर पड़ सकता है।

ध्यान के लिए शान्ति ज़रूरी है और शान्ति से बड़ी चिकित्सा कोई नहीं, जब हम किसी शांत सी जगह पर बैठते हैं तब हमें इस बात को जानेगे की असलियत में हमारे दिमाग में क्या चल रहा है और क्या चाहता है वो। जब आंतरिक और बाहरी शांति एक दुसरे से मिलते हैं तब हम यह जानते हैं की हम कितने आराम में हैं।

मैडिटेशन का रहस्य / The secret of Meditation

ध्यान के माध्यम से आपको पता चलता है की मैडिटेशन कितने प्रकार के हैं –आपकी सांस से चलते हुए, चैतन्य, ध्वनी, चक्र, जप, मंत्र, तंत्र, यहां तक कि चॉकलेट से भी ध्यान लगाया जा सकता है, आपको बस वो तकनीक अपनानी है। सबसे पहले ध्यान लगानेके लिए आप अपने दिमाग को शांत करने का प्रयास करें, इसके लिए आप कोई एकांत रूम या जगह में जा सकते हैं | अगर आप चहल पहल वाले जगह में करेंगे तो यह लहरों के किनारों के टकराने जैसा है। जैसे समंदर की लहरों में अपनी एक ध्वनी और बहाव होत है मैडिटेशन से वैसा ही असर पड़ता है। ध्यान का रहस्य परमेश्वर के साथ जागरूक और निरंतर एकसाथ प्राप्त करना है। ध्यान का सर्वोच्च राज़ यह है की आप इस से सीधा परमात्मा को महसूस कर सकते हैं। मैडिटेशन के लिए प्रेरणा ज़रूरी है और आप अपने आप की प्रेरणा बन सकते हैं।

मैडिटेशन की तकनीक / Techniques behind Meditation

आज के जीवन में अगर कोई मैडिटेशन को अपनाता है और उसे सही तरीके से करता है तो यह सच में एक अच्छी आदत है पर अक्सर लोगों को लगता है की वो यह नहीं कर सकते उन्हें समय की कमी है और मैडिटेशन के लिए वक़्त चाहिए। हर अच्छे मैडिटेशन के अभ्यास की शुरुआत वहाँ से होनी चाहिए जहाँ आपको लगे की वह तरीका आपके लिए सही रहेगा। याद रहे की कोई भी मैडिटेशन करने का कोई सही या गलत तरीका नहीं है। मैडिटेशन के कुछ आसान तरीकों में से है जैसे :

  • निर्देशित मैडिटेशन– इसके लिए आप विडियो की मदद ले सकते हैं, स्मार्टफोंस के ज़माने में होने का फयदा है। आप कुछ एप डाउनलोड कर सकते हैं, या फिर आप किसी योग केंद्र में भी किसी योग गुरु की मदद ले सकते हैं।
  • फोकस (Focus) – मैडिटेशन के लिए मन को एकचित (focused) होना चाहिए, अगर आप आंखें खोल कर फोकस नहीं कर सकते तो एक कैंडल को लगातार देख कर आप अपना ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं।
  • मन्त्र (Mantra) – जैसा हम जानते हैं ध्वनी मैडिटेशन में कितनी मदद करती है। तो आप कुछ मन्त्रों का प्रयोग कर सकते हैं, जैसे की गायत्री मन्त्र यह आपके मन को शान्ति प्रदान करेगा आप चाहें तो सिर्फ ॐ (Om) का उच्चारण भी कर सकते हैं।
  • आब्जर्वर बने– अपनी आँखें बंद करें और अपनी भौहें (तीसरी आँख चक्र) के बीच एक इंच ऊपर के हिस्से पर ध्यान केंद्रित करें। यह देखना और महसूस करना होगा आपका दिमाग और शारीर क्या कर रहा है और क्या सोच रहा है।

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