Motiyabind ke Lakshan aur Upay – मोतियाबिंद

By | January 10, 2016

हर व्यक्ति के आंखों में natural lens होता है जिसके द्वारा वो देख पाता है । वही natural lens जब धुंधला हो जाता है, और उस पर एक white color की परत चढ़ जाती है तो इंसान को कम दिखाई देने लगता है । आँखों में होने वाली इसी बीमारी को motiyabind कहते है । Generally पर ये बीमारी 50 years age के बाद वाले लोगो को हीं होती है । इसके अलावा जो लोग धुएँ, सूर्य की रौशनी या फिर दवाइयों के सम्पर्क मे ज्यादा रहते हैं, उन लोगो को भी मोतियाबिंद होने की संभावना बढ़ जाती है । मोतियाबिंद age बढ़ने पर , मधुमेह होने पर , vitamin की कमी या फिर protien की कमी होने पर , या फिर आँखों में किसी प्रकार का चोट लग जाने पर भी हो सकता है ।

Motiyabind ke Symptoms and ilaj

एक बार अगर किसी को मोतियाबिंद की बीमारी हो जाये तो फिर उसका इलाज केवल ओपरेशन हीं होता है। अतः इसके लक्षण दीखते हीं फ़ौरन doctor की सलाह ले कर ओपरेशन करवा लेना चाहिए अन्यथा आँखों की रौशनी भी जा सकती है । आइये जानते है मोतियाबिंद के कुछ main लक्षणों को ।

मोतियाबिंद के लक्षण / Symptoms of Cataract

Agar aapko evening time mein thik se nahi dikh raha hai ya dudndhla dikhta hai to aap sayad Motiyabind ke sikar ho sakte hain. Chaliye jante hain aise kaun kaun se lakshan hai Motiyabind ke:

  • कोई भी चीज धुंधली, या पीली (yellow) दिखाई देना।
  • रात के समय में कम दिखाई देना ।
  • धूप की रोशनी में कुछ भी देखने में problem होना ।
  • आँखों में हर वक़्त जलन (irritation) व खुजली ( Itching) होना ।
  • आँखों में अचानक से रह रह कर चुभन होना आदि ।

मोतियाबिंद से बचने का उपाय / How to save eyes from Cataract

Motiyabind ka gherulu ilaj aur upay ab sambhav hai. Agar aap niche diye gaye tips ko follow karte hain to aapko Motiyabind ki sikayat nahi hogi. Niche jayadatar di gayi jaankari Motiyabind ke bimari ko badhne se rokti hain aur Ayurveda mein bhi iska naam aata hai. To chaliyte jante hai Motiyabind ka treatment kaise kare home par:

त्रिफला :- त्रिफला आँखों को हर तरह की बिमारियों से बचा कर रखता है। 1tsp त्रिफला के चूर्ण को ½ tsp घी और 1tsp मधु में mix कर के daily morning में खली पेट में खाने से इंसान मोतियाबिंद की बीमारी से बचा रहता है ।

आंवला :- आंवला  में vitamin-C पाया जाता है जो की हमारे eye के लिए बहुत हीं beneficial होता है । अतः हर रोज 2-3 आंवले का सेवन जरुर से करे ये आपको मोतियाबिंद से बचने के साथ साथ आपके आँखों की रौशनी को भी बढ़ाएगा । अगर आपको कच्चा आंवला खाना पसंद नहीं है तो अप उसे उबाल कर भी खा सकते है नहीं तो आप आंवला से बना मुरब्बा भी खा सकते है ।

अंगूर :- अंगूर में मौजूद anti oxidant हमारे eye के लिए बहुत हीं beneficial होता है । अंगूर मोतियाबिंद जैसे बिमारियों से बचाता है इसलिए हर रोज ताजे अंगूर का सेवन करना चाहिए ।

बादाम :- बादाम में मौजूद कारोटेनाइड्स आँखों को मोतियाबिंद से बचाता है अतः हर रोज 4 से 5 बादाम को पानी में फुला कर खाना चाहिए ।

पालक :- पालक का साग या फिर पालक का जूस भी आँखों के लिए beneficial होता है । इसके जूस या साग को regular खाने से आँखों की रौशनी बढ़ती है साथ हीं ये आँखों में होने वाली हर तरह की बिमारियों से भी बचाता है ।

हल्दी :- हल्दी से भी आपको आँखों में होने वाली बिमारियों से बचा कर रखता है । इसलिए अब आप अपने खाने में हल्दी का प्रयोग ज्यादा करना start कर दें ।

गाजर :- गाजर में भी vitamin-c होता है जो की आँखों के लिए beneficial होता है इसलिए हर रोज ताजे गाजर का जूस पीना चाहिए इससे आप मोतियाबिंद से बचे रहेंगे साथ हीं आपके आँखों की रौशनी भी बढ़ेगी ।

One thought on “Motiyabind ke Lakshan aur Upay – मोतियाबिंद

  1. khyati

    my mother is diabatic patient and unhe motiyabind ho gaya h please suggest me what should i do

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