Neem Tree Information and Uses in Hindi – नीम का पेड़

By | October 7, 2017

हमारे देश में नीम का पेड़ का काफी महत्व है, पर क्या आप जानते है Neem Tree से जुडी information जैसे इसके health benefits और इससे जुडी जानकारी के बारे में, आइये पढ़े | पृथ्वी पर कई ऐसे वनस्पति मौजूद है जो अपने गुण के कारण औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते है इनमे से एक नीम भी शामिल है | नीम एक बहुमुखी प्रतिभा वाला वृक्ष है जिसमे कई औषधीय गुण पाए जाते है | तो आइए आज जानते है इससे सम्बंधित जानकारी के बारे में |

Neem Tree Information in Hindi

About

नीम एक पूर्ण पतझड़ वाला वृक्ष है जो अन्य वृक्षो के जैसे वर्ष में एक बार अपने सभी पत्ते झाड़ देते है और इसमे पुनः नए पत्ते आते है | इस वृक्ष का वनस्पतिक नाम Melia Azadirachta अथवा Azadiracta Indica है जो भारत में बहुत अधिक मात्र में पाया जाता है | इस पेड़ के सभी parts में कई औषधीय गुण पाए जाते है जिस कारण यह भारत के अलावा दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका, दक्षिण एवं मध्य अमरीका, आस्ट्रेलिया तथा दक्षिणी प्रशान्त द्वीपसमूह के अनेक उष्ण एवं उपोष्ण कटिबन्धीय देशों में भी पाया जाता है | एशिया में भारत के अलावा इसके समीपवर्ती देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका आदि देशो में भी पाया जाता है |

पूर्ण पतझड़ पेड़ नीम की लम्बाई 15 से 20 मीटर तक होती है, अगर इस पेड़ की सही देखभाल किया जाए तो यह 40 मीटर तक की उचाई पा सकता है | इस पेड़ के लम्बाई की अपेक्षा इसके ताने की मोटाई कम होती है | इस वृक्ष का मुख्य इसका तना होता है, जो 1.5 मीटर तक मोटा होता है जिसपर मोटी छाल होती है जो सफेद-धूसर, लाल या भूरा रंग का होता है | इसके पत्ते गर्मी के आरम्भ में या पतझड़ में मौसम में सुख कर झड जाते है एवं पतझड़ के उपरांत इसमे नए पत्ते निकलते है | इस पेड़ में सफ़ेद रंग का सुगन्धित पुष्प खिलते है जो देखने में काफी सुन्दर होते है जो एक गुच्छे में होते है, जिसकी लम्बाई 25 cm तक होती है | इसमे छोटे आकर के फल भी लगते है जो चिकना एवं आकर में गोलाकार या अंडाकार होता है जिसे निबोंली कहा जाता है | इस फल का छिलका पतला एवं इसके गुद्दे रस्सेदार होते है | इसके फल के गुद्दे का स्वाद कडुवा होता है परन्तु यह मनुष्य के लिए काफी फायदेमंद होता है |

About Neem Tree in Hindi

नीम का पेड़ को सूखे का सबसे अच्छा प्रतिरोधक वृक्ष के रूप में प्रचलित है | यह मुख्य रूप से उप-शुष्क(Sub-dry) एवं कम नमी वाले स्थान में अच्छे से पनपता है | यह वृक्ष 400 से 1200 mm एवं 400 mm से कम वर्षा वाले स्थान में भी बड़े आराम से पनपते है | गहरी एवं रेतीली मिट्टी जिसमे पानी का निकासी अच्छे से हो वैसे मिट्टी इस वृक्ष के लिए सर्वोत्तम माना जाता है | उष्णकटिबंधीय और उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्र के साथ 22-32oC वाले क्षेत्र नीम के लिए अति उत्तम क्षेत्र है |


Benefits of Neem Tree

नीम में मौजूद विभिन्न औषधीय गुण के कारण लोग इसका इस्तेमाल कई प्रकार से करते है जो मनुष्य के शरीर में कई प्रकार के समस्या का समाधान करता है | शारीरिक समस्या के अलावा यह हमारे कई कामो को आसान करता है | इसके और भी नीम के कई फायदे है जिसके बारे में आगे हम आपसे बात करेंगे |

पत्ते – नीम के पत्ते स्वाद में जितना अधिक कडुआ होता है यह उतना ही अधिक हमे स्वस्थ रखता है | अगर आप आपने घर के मुख्य प्रवेश पर नीम का पत्ता लटकाते है तो घर में किसी प्रकार जीवाणु का प्रवेश नहीं होगा साथ ही यह आपके घर में कपडे कटाने वाले कीड़े एवं चीटियों को भी भगाता है | इसके सूखे हुए पत्ते का धुवा घर में मौजूद मच्छरों को मारने तथा उन्हें दूर करने में मदद करता है | इसके अलावा पत्ते को और भी कई प्रकार से इस्तेमाल किया जाता है इसके पत्ते को जूस के रूप में भी सेवन किया जाता है | जूस के अलावा इसे कच्चा भी खाया जाता है | इसके पत्ते हमे पेट सम्बंधित बीमारी, त्वचा समस्या, बैक्टीरिया रोग, मलेरिया आदि बीमारियों से भी हमे संरक्षित करता है |

फुल – इसके फुल का इस्तेमाल इसके पाउडर, पेस्ट तथा तेल के रूप में किया जाता है | यह जितना खुबसूरत एवं सुगन्धित होता है यह उतना फायदेमंद भी होता है | इसके इस्तेमाल से आप पेट सम्बंधित समस्या, नेत्र समस्या, त्वचा समस्या, बाल के समस्या से निजात पा सकते हैं | इसके अलावा इसके सेवन से मानव शरीर के रक्त में मौजूद विषाक्त प्रदार्थ भी नष्ट होते है | इन सभी के अलावा यह diabetes, weight loss, allergies सम्बंधित समस्या से भी निजात दिलाता है |

डाली – नीम की पतली डाली का इस्तेमाल हमे मुह सम्बंधित समस्या से छुटकारा प्रदान करता है | अगर आप toothbrush के स्थान पर इसके पतले डाली से दातुन करते है तो यह आपके दांतों में उत्पन्न कई प्रकार के समस्या से निजात दिलाता है और आपके मुंह को स्वस्थ रखता है इससे आप दिन भर स्वयं को ताजा महशुस करते है |

छाल – नीम के पत्ते, फुल, फल, डाली के जैसे इसके छाल का भी इस्तेमाल समस्या का निवारण में किया जाता है | अन्य के भान्ति इसे भी कई प्रकार से इस्तेमाल किया जाता है | अधिकांश इसे पाउडर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो थकान, कफ़ दोष असंतुलन, कीड़े, बुखार एवं भूख की समस्या से निजात दिलाता है | इसके छाल में antiseptic एवं astringent गुण मौजूद होता है जो हमे और भी कई जीवाणु रोगों से मुक्ति दिलाता है |

फल – नीम वृक्ष के सभी parts में कई औषधीय गुण मौजूद है जो हमे विभिन्न प्रकार के समस्या से निजात दिलाता है | इसके फल एक मौसमी फल है जिसका सेवन करना बेहद लाभदायक होता है | इसके एक बार का नियमित सेवन से यह आपको लबे समय तक पेट सम्बंधित समस्या, रक्त समस्या, daibetes, मलेरिया आदि कई जीवाणु रोगों से सुरक्षित रखता है |

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