November Month Farming Work in Hindi – नवंबर माह की खेती

By | August 14, 2017

Kya aap November month mein kheti karne ki soch rahe hai par nahi malum ki kaun se fasal aur sabji lagana chahiye? Janiye is mahine kis chij ki farming karna chahiye. मनुष्य के दैनिक जीवन को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार खाद्य प्रदार्थ की आवश्यकता होती है जिसमे से साग, सब्जी, फल आदि महत्वपूर्ण खाद्य प्रदार्थ है | हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हरे साग सब्जी का अहम् योगदान होता है | हरे साग सब्जी में कई प्रकार के पोष्टिक तत्व होते है जो मानव शरीर को स्वस्थ रखने का कार्य करता है | वर्ष के सभी महीने में किसान खेती बारी का कार्य करता है | वर्ष का महिना नवम्बर जिसे कार्तिक-मार्गशीर्ष कहा जाता है जो अपने साथ कई त्योहार को लेकर आता है जिस कारण यह काफी रोचक महिना होता है | इस महीने में जहाँ एक फसल की कटाई होती है वही दुसरे फसल को लगाने का कार्य किया जाता है | इस महीने में किसान काफी मेहनत करते हुए नजर आते है | यह समय रवि फसल (गेहूँ, जौ, चना, मसूर, सरसों आदि) को लगाने के उत्तम समय है वही इस समय में खरीफ फसल (धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, मूँगफली, गन्ना आदि) फसलो की कटाई होती है |

November Month Farming Work

नवम्‍बर माह में कि‍ये जाने वाले कृषि‍ कार्य

आइए जानते है नवम्बर के महीने में होने वाले कृषि कार्यो के बारे |

फसल

नवम्बर माह का मौसम काफी सुहावना होता है इस महीने में रवि फसलो को लगाया जाता है | जुलाई या अगस्त के महीने में लगने वाले फसल नवम्बर तक तैयार हो जाते है एवं इस महीने में इस फसल की कटाई की जाती है एवं इस फसल की कटाई के उपरांत खेत को गेहूँ, जौ, चना, मसूर, सरसों, गन्ना, धनिया, प्याज, आलू एवं मटर आदि के लिए तैयार किया जाता है | अक्टूबर में शुरू की गई फसल की पिछेती खेती नवम्बर में कर सकते है | जिस फसलो की बुवाई अक्टूबर में हो गई है उसके खेत में सिचाई कर के इसमे निकले खर पतवार का निकाई कार्य करते है |

गेहूँ – धन की कटाई के बाद खेत में मौजूद नमी के कारण गेहूँ के बीज में दीमक लगने का खतरा होता है इसलिए गेहूँ फसल की कटाई के बाद खेत को जोत कर उसमे दीमक को मारने की दवा डाल कर छोड़ दिया जाता है जिससे दीमक लगाने का खतरा कम हो जाता है | और नवम्बर के मध्य या अंतिम सप्ताह तक इसकी बुआई कर दी जाती है |

दलहन फसल – इस महीने में कई दलहन फसल चना, मसूर, मुंग, मटर आदि की पिछेती खेती की जाती है | अगर आप इसकी अगेती फसल को किये है तो इस समय तक इसके पौधे निकल आते है जिसके साथ कई खर पतवार भी निकल आते है | फसल में निकले इन सभी खर पतवार का निकाई का कार्य कर सकते है |


तिलहन फसल – तिलहन फसल सरसों, तोरी, राय आदि फसल के बुवाई का सही समय अक्टूबर है | अक्टूबर के महीने में इन फसलो का बुवाई का शुरुआत हो जाता है | नवम्बर के महीने में आप इसके पिछेती फसल की बुवाई कर सकते है | इसके अगेती फसल की निकाई कार्य कर सकते है |

मसाले

वर्ष के इस महीने में किसान अपने खेतो में फसल के साथ साथ मसालों की भी खेती कर सकते है या किसान इसे सब्जियों के साथ खेतो में लगा सकते है | इस महीने में लगने वाले मसाले निम्नलिखित है :-

धनिया – अगर आप अपने खेत में धनिया की खेती करना चाहते है तो इसे नवम्बर महीने के पहले सप्ताह में लगाए | यह समय धनिया लगाने का सर्वोतम समय होता है | इसे लगाने के लिए आप स्थनीय किस्म के धनिया का इस्तेमाल कर सकते है |

सौंफ – व्यंजनों के स्वाद में चार चाँद लगाने वाला मसालों की सूचि में एक मसाला सौंफ भी शामिल है | इस फसल का बुवाई का कार्य अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाता है | इस मसाला को लगाने का सही समय नवम्बर का पहला सप्ताह अति उत्तम है |

सब्जियाँ

नवम्बर के महीने में अगर आप सब्जियों की बुवाई कार्य करते है तो आप टमाटर या गोभी के पिछेती किस्म की रोपाई कर सकते है | खेतो में की गई गोभी एवं टमाटर की अगेती खेती में पौधे बड़े होने लगते है | इस समय पौधो को आवश्यकता अनुसार सिचाई, खाद एवं pesticides की आवश्यकता होती है | आप इसकी सिचाई कर इसके पौधो में कीटनाशक एवं खाद डाल कर मिट्टी की खुदाई कर सकते है | इस महीने में सतवारी, बीन, मटर, अदरक, लहसुन, प्याज, पालक आदि सब्जियों की खेती की जा सकती है |

गाजर, मुली एवं शलजम – अगस्त-सितम्बर में लगाने वाले सब्जी गाजर, मुली एवं शलजम नवम्बर के महीने में पूरी तरह से तैयार हो जाते है | इसकी खुदाई करने से पहले खेतो में अच्छे से सिचाई कर ले इससे खुदाई आसान हो जाती है |

टमाटर एवं गोभी – टमाटर की खेती अक्टूबर में ही शुरू हो जाती है एवं नवम्बर के महीने में फुल एवं फल लगने लगते है | इस समय फल या फुल पर कई प्रकार के कीटो का आक्रमक होता है जो फसल को नष्ट कर देता है | इसलिए इस महीने टमाटर के पौधो पर कीटनाशक का छिडकाव करना आवश्यक है |

अदरक, लहसुन एवं प्याज – पुरे वर्ष व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाला अदरक, लहसुन एवं प्याज के फसल की बुवाई कर सकते है | इसकी खेती आप आलू के साथ मिश्रित रूप में भी कर सकते है |

फल

साल के नवम्बर महीने में कई फलो का पकाने का समय होता है | इस समय किसान पेड़ो में लगे तयार फल को बड़े सावधानी पूर्वक छटाई कर तोड़ते है और डब्बा भराई करते है | इस महीने में फलो के पौधो एवं पेड़ो में खाद एवं कीटनाशको की आवश्यकता होती है इसलिए आवश्यकता अनुसार किटनासक का छिडकाव एवं सिचाई करे |

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