Rainbow Color Names in Hindi – इन्द्रधनुष

By | May 16, 2017

बच्चो क्या आप जानते है Rainbow color names in Hindi और English क्या होता है ? आइये जानते हैं इसके रंगों के meaning और कितने types के होते हैं | इस रंग बिरंगे लाइन को हम सभी इन्द्रधनुष के नाम से जानते हैं | यह एक प्राकृतिक मौसमी घटना है जो मुख्य तौर पर वर्षा ऋतु में देखने को मिलता है | वर्षा ऋतु के अलावा आप इसे अन्य ऋतु में भी देख सकते है | वर्षा ऋतु में rainbow वर्षा के उपरांत देखने को मिलता है परन्तु अन्य मौसम में सुबह एवं शाम में देखने को मिलती है | इन्द्रधनुष एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका सम्बन्ध प्रकाश में मौजूद सभी रंगों से होता है |

Rainbow Color

Rainbow प्रकाशीय विक्षेपण प्राकृतिक घटना हमे तब देखने को मिलती है, जब सूर्य का प्रकाश हवा में मौजूद पानी के बूंद में पड़ने के बाद बूंद में प्रकाश का प्रवर्तन, अपवर्तन और विक्षेपण की प्रक्रिया होती है और इस क्रिया के बाद बूंद से निकलने वाला प्रकाश सात रंगों में विभक्त हो कर निकलता है जिसे इन्द्रधनुष कहा जाता है |

इस प्राकृतिक घटना को वैज्ञानिक कई वर्ष पहले समझने में सफल रहे और इस घटना को सर आइजक न्यूटन के द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘ऑप्टिक्स’ में प्रकाश का सात रंगों में विभक्त होना एवं वापस से एक रंग में समावेश होने का कारण और उसके कार्यावधि के वैज्ञानिक सिध्दांत को बताता है | वैज्ञानिक के द्वारा इसे स्पेक्ट्रम नाम दिया गया है जिसे वर्णक्रम कहा जाता है |

Types               

प्रकाशीय विक्षेपण प्राकृतिक घटना rainbow मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है जिसे प्राथमिक एवं द्वितीयक इन्द्रधनुष कहा जाता है |

प्राथमिक इन्द्रधनुष – वायु में मौजूद वर्षा के बूंद में जब सूर्य की किरण का अपवर्तन दो बार और परावर्तन एक बार होता है तो इस अवस्था में प्राथमिक इन्द्रधनुष का निर्माण होता है | इस में प्रवर्तित किरण में ऊपर या बाहर की ओर लाल एवं अन्दर की ओर बैगनी रंग होता है |

द्वितीयक इन्द्रधनुष – प्राथमिक के तुलना में द्वितीयक का बिलकुल उल्टा प्रतिक्रिया होता है | इस इन्द्रधनुष में सूर्य की किरण बूंद के अन्दर अपवर्तन एवं परावर्तन की प्रक्रिया दो – दो बार होती है | परावर्तन एवं अपवर्तन के बाद प्रवर्तित किरण में रंगों का फेर बदल होता है | इसके बाहरी ओर बैगनी एवं अन्दर की ओर लाल रंग होता है |


Rainbow Color / इन्द्रधनुष के रंगों के नाम 

Rainbow खुबसूरत रंगों के मिश्रण से बनी होती है | इस प्रक्रिया में सूर्य की रौशनी पानी के बूंद में अपवर्तन और परावर्तन क्रिया से निकलने वाले रंग निम्नलिखित है :-

Violet = बैगनी = इन्द्रधनुष में दिखने वाली सबसे आखरी रंग बैगनी है जो लाल और नीला रंग के मिश्रण से बनता है | इस रंग का तरंग दैर्ध्य सभी रंगों में सबसे कम 400 nm है जो पूरी तरह दृश्यमान होती है | इसके तरंग दैर्ध्य कम होने के कारण इस रंग का अत्यधिक विस्तार होता है |

Indigo = नीला = इन्द्रधनुष में मौजूद इस रंग के मिश्रण में जहा बैगनी शांत होता है उस स्थान पर नीला काफी भड़कीला नजर आता है | बैगनी के बाद नीला रंग होता है जिसका तरंग दैर्ध्य थोडा ज्यादा 445 nm होता है एवं यह भी दृश्यमान होता है |

Blue = आसमानी = Rainbow के color combination में पांचवा रंग आसमानी है | यह रंग हमे अज्ञात के बारे में सोचने को मजबूर करता है | इस रंग का तरंग दैर्ध्य 475 nm होता है | इस रंग के तरंग दैर्ध्य दृश्य में सबसे कम होता है जिस वजह से इसके molucules हमारे वातावरण में काफी प्रभावशाली रूप से फैले होते है जो आसमान का नीला दिखने का कारन होता है |

Green = हरा = Rainbow के रंग समूह के मध्य में हरे रंग की मौजूदगी होती है | यह रंग प्रजनन, विकास, संतुलन, स्वास्थ और धन को दर्शाता है | इस रंग का तरंग दैर्ध्य 510 nm होता है |

Yellow = पीला = पीला रंग के बारे में कहा जाता है की पीला हमारे सोच, ज्ञान, अनुशासन एवं उर्जा की स्पष्टता का प्रतिनिधि है | इस रंग का wavelength 570 nm होता है |

Orange = नारंगी = पीला और लाल रंग के मिश्रण से नारंगी रंग का निर्माण होता है | यह रंग हमारे चंचलता, रचनात्मक, नियंत्रण एवं व्यावहारिता को दर्शाता है | इस रंग का तरंग दैर्ध्य 590 nm होता है |

Red = लाल = लाल रंग इन्द्रधनुष में दिखने वाला ऊपर से सबसे पहला रंग है, इस रंग का wavelength 650 nm होता है | इस रंग का wavelength सबसे अत्यधिक होता है जिस कारण इसका विचलन कोण सबसे अत्यधिक होता है | इस रंग के विचलन कोण अधिक होने के कारण सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आसमान लाल नजर आता है |

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