Ranthambore National Park – History, Timing, Places to Visit

By | June 17, 2017

Kya aap Ranthambore National Park jane ka plan kar rahe hain? Janiye iski history, best time to visit, places to visit and things to see in Hindi – पूरी information Hindi में | भारत लम्बे चौड़े क्षेत्र में फैला हुआ है | इसके इस विस्तृत भाग के 24 % भाग में जंगल फैले हुए है | भारत में फैले इन जंगलो में कई सारे वनजीव अभ्यारण बने हुए है | यहाँ मौजूद कुछ अभ्यारण को भारत सरकार ने राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा भी दिया है | भारत के द्वारा राष्ट्रीयकृत उद्यान में एक रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान भी शामिल है | रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान उत्तर भारत के राजस्थान जिले में सवाई माधोपुर शहर के पास स्थित एक विशाल वन्यजीव अभ्यारण है | पुराने समय में इस उद्यान को शाही शिकार के लिए जाना जाता था | इस जंगल में राजस्थान के राजा शिकार किया करते थे | यह उद्यान बाघ, तेंदुआ एवं मगरमच्छ का घर कहा जाता है | इस उद्यान में मोजूद पदम् तलाओ झील की प्रचुर पानी की मात्रा के लिए जाना जाता है |

Ranthambore National Park information in hindi

इस उद्यान का नाम उद्यान में स्थित रणथंभौर किले के नाम पर रखा गया था, इस उद्यान का विस्तार 392 sq km है | भारत सरकार के द्वारा इस उद्यान को 1955 में सवाई माधोपुर खेल अभ्यारण के रूप में स्थापित किया गया था | समय के साथ साथ सन 1973 में इस अभ्यारण को परियोजना टाइगर रिजर्व घोषित किया गया । परियोजना की घोषणा के उपरांत सन 1980 को भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया | इस उद्यान के अगल बगल लम्बी दुरी तक जंगल का विस्तार था जिसे 1984 में सवाई मान सिंह अभ्यारण एवं कालदेवी अभ्यारण के रूप में घोषित किया गया | सरकार के द्वारा किये ये इस घोषणा के उपरांत 1991 tiger reserve का विस्तार करने के लिए सवाई मान सिंह अभ्यारण एवं कालदेवी अभ्यारण को tiger reserve में शामिल कर लिया गया |

देखने योग्य वन्यजीव / Things to see in Ranthambore National Park

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से यहाँ पाए जाने वाले बाघ एवं इनकी जनसंख्या के लिए जाना जाता है | इस उद्यान के बारे में कहा जाता है की भारत में पाए जाने वाले कुल बाघ के जनसंख्या का अधिक भाग इस उद्यान में निवास करते है | इस उद्यान में बढ़ते पर्यटक एवं उद्यान के आस पास के गाँव में बढ़ रहे लोगो के जनसंख्या के कारण बाघ का हमला अधिक सुनाने को मिलता है | इस उद्यान में 1982 की तुलना में अभी बाघ की संख्या कम है |

ranthambhore tiger park

2005 में हुई बाघों की गणना में कहा कुल 26 बाघ मिले | बाघों की घटती इस संख्या से सरकार काफी चिंतित थी पर 2013 में बाघ की गिनती पुनः की गई और इस गणना में बाघ की संख्या बढ़कर 48 हो गई थी और ठीक एक वर्ष के बाद 2014 में बाघों की संख्या 62 हो गई | बाघों की संख्या में हो रही इस वृद्धि से सरकार काफी चिंतित है और बाघों को अन्य उद्यान में स्थानान्तरण करने की सोच रही है | इस अभ्यारण में बाघ के अलावा चिता, नीलगाय, जंगली सूअर, सांभर, धारीदार लकड़बग्धा, भालू, दक्षिणी मैदानों ग्रे लंगूर, रीसस मकाक और चिटलाल जैसे जानवर पाए जाते है | इन जानवरों के अलावा इस अभ्यारण में पेड़, पौधे, पक्षी और सरीसृप भी पाए जाते है |


Ranthambore National Park Features

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान सिर्फ जंगल एवं जंगली जानवरों के लिए ही नहीं जाना जाता बल्कि यहाँ इस उद्यान के और भी कई विशेषताए है | आज आपसे इसके विशेषताओ के बारे में आपको बताते है |

जंगल / Forest – यह park चारो और से जंगल से घिरा हुआ है इस जंगल में खुले घास के मैदान भी शामिल है | इस park में विभिन्न पेड़ पौधो के साथ यहाँ 539 प्रजाति के फुल पाई जाती है |

बाघ / Tiger – पुरे भारत में कई राष्ट्रिय उद्यान मौजूद है पर इन सभी में बाघों के देखरेख एवं इनके विकास के लिए इसे सर्वश्रेष्ट माना जाता है |

Safari Ride – इस park में safari ride के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है | अगर आप इस park में घुमने आए है और अपने मित्रो एवं साथियों के साथ इस जंगल का लुफ्त उठाना चाहते है तो यहाँ safari ride अवश्य ले | Safari ride के लिए मोटरसाइकिल, जीप या बड़े वहाँ का भी आनंद ले सकते है | इस park में दी जाने वाली ride तीन घंटे के लिए होता है जिसमे प्रति व्यक्ति 700 – 800 रूपये लिए जाते है |

Ranthambore Fort – 10 सदी में यहाँ के राजा ने इस park में एक शाही महल का निर्माण कराए और इस क्षेत्र का निगरानी के लिए park के सभी तरफ मीनार का निर्माण कराए | इस किले के अन्दर करौली पत्थर से तीन मंदिर का निर्माण कराया गया था जो भगवान गणेश, शिव एवं रामलला जी का था | यहाँ भगवान सुमतिनाथ एवं सम्भवनाथ का दिगंबर जैन मंदिर का भी निर्माण किया गया है |

Padam Talao – पार्क के अन्दर कई सारे झील एवं तालाब है जिसमे से Padam Talao सबसे प्रशिद्ध झील है |

Best time to visit

अगर आप इस park का आनंद लेना चाहते है तो आप नवम्बर से मार्च के बीच आए | इस मौसम में आप यहाँ के सभी जानवरों को बड़े आसानी से देख सकते है | इस समय के अलावा आप और भी अन्य समय में आ सकते है पर मौनसून के मौसम में इस उद्यान को बंद कर दिया जाता है |

How to Reach

इस उद्यान तक आने के लिए आप वाहन, रेलगाड़ी एवं हवाई जहाज का भी इस्तेमाल कर सकते है |

हवाई जहाज / Airplane – रणथंभौर  राष्ट्रीय उद्यान का नजदीकी विमान पतन जयपुर है जो इस उद्यान से 160 km की दुरी पर स्थित है |

रेल गाड़ी / Railway – अगर आप Train से इस park का लुफ्त उठाने के लिए आ रहे है तो आपको यह पता होना चाहिए की इस park के नजदीक का railway station कौन कौन है | इस park के नजदीकी स्टेशन Sawai Madhopur Railway Station जो park से 11 km की दुरी पर स्थित है | इसके अलावा आप जयपुर या कोटा भी आ सकते है | park से जयपुर 130 km एवं कोटा 114 km की दुरी पर स्थित है |

बस / Bus – क्या आप अपनी सफ़र सड़क मार्ग से कर रहे है ? अगर हाँ तो आप बस से सवाई माधोपुर तक आ सकते है पर इसके बाद आपको टैक्सी या अन्य वाहन का सहारा लेना पड़ सकता है जो नजदीकी शहर से आपको आसानी से मिल सकता है |

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