Santoshi Mata Vrat aur Puja Vidhi Kiase Kare – माँ संतोषी की पूजा विधि

By | June 2, 2016

Shri Santoshi Mata ji ka vrat Friday ke din kiya jat hai | Aiye jante hai Santoshi Mata Vrat Katha, puja vidhi, mantra, udyapan aur kaun se samagri lagti hai.  संतोषी माता का वर्त Friday यानि की शुक्रवार के दिन किया जाता है।संतोषी माता का वर्त शुक्ल पक्ष के first Friday से start किया जाता है। शास्त्रों के मुताबिक माँ संतोषी Lord Ganesha की पुत्री कहलाती हैं। इनकी पूजा व वर्त करने से  धन, विवाह अथवा भौतिक सुखों में वृद्धि आती है। जो लोग संतोषी माँ का वर्त करते है उन्हें वर्त वाले दिन खट्टी चीजो को खाना तो दूर उसे touch भी नहीं करना चाहिए। इस वर्त को 16 शुक्रवार तक कर के इसका उद्यापन कर देना चाहिए।

 Shri Santoshi Mata

पूजा की सामग्री / Puja Samagri List

Agar aapne man bana liya hai ki aapko Mata Santoshi ki puja ghar par karni hai to sabse pahle aapko iske liye kuch samano ki jarurat hogi. Niche diye gayi Mata Santoshi ki Puja Samagri ki list hai jo ki aap ghar najdiki Puja Bhandar dukan se le sakte hain:

  • संतोषी माँ का चित्र ,
  • जल से भरा हुआ कलश ,
  • छोटा प्लेट , गुड़ , भुना हुआ चना ,
  • अक्षत, पुष्प , घी , दीप , सुगन्धित गंध,
  • लाल चुनरी, नारियल ,
  • आरती के लिए थाली , कपूर

संतोषी माता पूजा विधि / Puja Vidhi of Santoshi Mata

Kisi bhi puja ko dhyan aur man laga kar kiye jaye to wah safal jarur hota hai. Puja ke dauran Maa Sanotoshi ki khata bhi padhi jati hai, iske piche scientific karan yah hai ki, isse hame kai chij sikhne ko milti hai aur hamara aacharan mein sudhar hota hai. To chaliye jante hai ki Ma Santoshi ji ki puja vidhi kaise kare ghar par:


  • सूर्योदय होने से पूर्व उठकर घर की अच्छे से सफ़ाई कर के नाहा लें ।
  • अब घर के किसी शुद्ध स्थान को देख कर वहां माँ संतोषी की चित्र को स्थापित करें।
  • अब माता संतोषी के चित्र के सामने पानी से भरा हुआ कलश को रख दें ।
  • अब कलश के ऊपर 1 plate रख कर उसमे गुड़ और चना भर दें ।
  • उसके बाद माता संतोषी के पास घी का दीप जला कर रख दें ।
  • अब सबसे पहले माँ संतोषी को अक्षत, पुष्प और सुगन्धित गंध चढ़ाए ।
  • अब माता को लाल चुनरी ओढ़ा कर उन्हें नारियल अर्पित करें।
  • अब उन्हें प्रसाद में गुड़ और चना चढ़ावा चढ़ाए ।
  • उसके बाद माँ संतोषी को धुप दीप दिखा कर “संतोषी माता की जय” बोले और फिर माता संतोषी की कथा पढ़ना या सुनना शुरु करें। (कथा पढ़ते या सुनते समय हाथ में गुड़ और चना को ले कर पढ़ना या सुनना चाहिए) । Accha rahega ki jab aap Maa Santoshi ki katha padh rahe ho to is puja ke liye aas paas ke logon ko bula lein aur saath mein katha sune.
  • कथा समाप्त हो जाने के बाद हाँथ का गुड़ व चना किसी पात्र में रख दें और फिर माता संतोषी की आरती करे ।
  • उसके बाद हाथ का गुड व चना गाय को खिला दे ।
  • उसके बाद कलश पर का गुड़ और चना सब में बांट दे ।
  • अब कलश का पानी पूरे घर भर में छिड़क दें । 

Shiv Ji ki Puja Vidhi yahan padhe.

माँ संतोषी का महामंत्र / Maha-Mantra of Maa Santoshi

Niche diye gaye Maa Santoshi ke mantra ka aap uchaaran kar ke dhyan laga skate hain:

Serial Mantra
1 ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते ||
2 जय माँ संतोषिये देवी नमो नमः
3 श्री संतोषी देव्व्ये नमः
4 ॐ श्री गजोदेवोपुत्रिया नमः
5 ॐ सर्वनिवार्नाये देविभुता नमः
6 ॐ संतोषी महादेव्व्ये नमः
7 ॐ सर्वकाम फलप्रदाय नमः
8 ॐ ललिताये नमः

उद्यापन विधि / Udyapan Vidhi

To chaliye ab jante hai ki Maa Santoshi ji ki Udyapan vidhi kya hai. उद्यापन के समय माता संतोषी को 2½ kg खाजा , पूरी, खीर और चने की सब्जी या साग चढ़ाया जाता है। उद्यापन के दिन कथा सुनने के time माता संतोषी के सामने नैवेद्य रखकर घी का दीप जलाएं और फिर संतोषी माता की जय बोल कर उनके सामने नारियल फोड़े। ध्यान रहे की उद्यापन के दिन भोग के सामग्री में खटाई ना डालें । उद्यापन के बाद 8 लड़को को खाना खिला कर उन्हें दान दक्षिणा दें । लड़को को खाने व दान में कोई भी खट्टा चीज ना दें ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *