Shatavari Health Benefits – शतावरी के फायदे

By | August 26, 2016

शतावरी  असल में एक गुणकारी औषधि पौधा है जिसके कई health benefits है | इसके जड़ (roots) , पत्ते (leaves) और बिज (seeds) को चूर्ण बना कर कहने से कई फायदे और लाभ होते हैं |  आयुर्वेद के मुताबिक शतावरी एक प्रकार का औषधिये पौधा है | आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है | शतावरी का वनस्पती नाम Asparagus Racemosus है | शतावरी की प्रजाति मुख्य रूप से हिमालय के चोटियों में पाई जाती है, इसके साथ यह नेपाल और श्रीलंका में भी मौजूद है | यह एक प्रकार का पौधा होता है जिसकी लम्बाई लगभग 2 मीटर तक होती है, ये पौधा झाडीनुमा होता है | आज शतावरी की खेती भारत कई राज्यों में की जाती है | लोग इसका खेती दवा निर्माण के लिए करते है |

Shatavari plant uses and health benefits

शतावरी में कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते है, जिसके कारण इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में रोगों का इलाज के क्रम किया जाता है | रोग के इलाज के लिए शतावरी के जड़ और पत्ती का इस्तेमाल बड़े जोरो से किया जाता है | इसके जड़ मुख्यतः दवा बनाने में इस्तेमाल किया जाता है | बल्कि पत्तियों का इस्तेमाल home remedies के लिए किया जाता है | शतावरी के जड़ो में मुख्यत निचे बतलाये गए चीजे पाई जाती है जो की हमारे body के लिए काफी लाभदयक होती है:

  • Protein (प्रोटीन)
  • Fat (वसा)
  • Carbohydrates (कार्बोहाइड्रेट)
  • Vitamins (विटामिन)
  • Alkaloid (अल्कालॉयड)
  • Potassium (पोटैशियम)
  • Zinc (जिंक)

अब आपको Shatavari roots में पाए जाने वाले चीजों के बारे में जानकारी ज्ञात है | यह सभी पाए जाने वाले elements है जो हमारे शरिर को स्वस्थ बनाए रखने में अपना अहम् भूमिका निभाता है |

शतावरी के फायदे / Shatavari Benefits

शतावरी हमारी शरिर को कई प्रकार के गंभीर बीमारियों से दूर रखता है एवं उनसे लड़ने के लियो तैयार करता है | तो आइये आज जानते है आखिर वो कौन से बीमारियाँ है जिनसे यह शतावरी  पौधे के द्वारा  ठीक किया जा सकता है:

कैंसर – शतावरी में Anti-Oxident की मौजूदगी प्रचुर मात्रा में होती है, यह तत्व कैंसर रोधी होता है जिसके कारण कैंसर रोग हमारे शरिर में हावी नहीं होता है | इसमे Histone नाम का protein की उपस्थिति प्रचुर मात्रा में होती है जो हमारे शरिर में कैंसर के द्वरान महत्वपूर्ण यौग्दान देता है | अगर आपको शंका है तो आप कैंसर के लक्षणों को पहचान कर इसका इलाज करवा सकते हैं |

खासी – अगर आपके गले में कफ जम (cough) गया हो या आप खांसी से परेशान है तो ऐसे में शतावर के रस में बराबर मात्र में अडूसे के रस के साथ मिश्री को मिलाकर इसका सेवन सेवन करने से कफ और खांसी दोनों से आराम मिलता है |

शक्तिवर्धक – अगर आपको खुद में कमजोडी महसूस कर रहे है तो एक चम्मच शतावर के चूर्ण को दूध में मिलकर सेवन करे इससे आपके शरिर में शक्ति का संचार होगा और आप frees महसूस करेंगे |

अनिद्रा – अक्सर लोगो में यह बीमारी पाई जाती है की उन्ही नींद कम आती है, अगर आपको भी यह समस्या होती है तो रोजाना दूध में 10 ग्राम शतावरी के चूर्ण के साथ घी मिलकर सोने से पहले इससे आपको नींद नहीं आने की समस्या दूर हो जाएगी |

सिरदर्द – अगर आपके सर में दर्द रहता हो या आप माइग्रेन से प्रभावित है तो शतावरी के रस में बराबर मात्रा में टिल का तेल मिलाकर सर में लगाए इससे सर का दर्द ठीक हो जाएगा |

खुनी दस्त – शतावरी के रस का नियमित सेवन करने से दस्त के साथ खून आने की समस्या जल्द ठीक हो जाएगी |

Diabetes – शतावरी के जड़ का चूर्ण नियमित तौर पर दूध के साथ लेने पर diabetes जैसे रोगों से जल्द निजात पाया जा सकता है |

Note

शतावरी का नियमित इस्तेमाल से ऊपर दिए गये इलाज के अलावा स्त्री संबंधित कई बीमारियों के साथ साथ हैजा, टाइफाइड बुखार, ई.कोलाई को ठीक किया जा सकता है | इसके साथ शतावरी का इस्तेमाल हमारे सौन्दर्य निखार में काफी कारगर शिद्ध हुआ है |

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