महान शिवराम राजगुरु की जीवनी – History and Family

By | February 17, 2017

जानिए भारत के महान Shivaram Rajguru जी की history के बारे में जो की एक महान क्रन्तिकारी थे | पढ़े इस freedom fighter की जीवनी, family, और सहादत के बारे में | Shivaram Rajguru  महाराष्ट्र के एक भारतीय क्रांतिकारी थे, जो की एक ब्रिटिश राज के पुलिस अधिकारी की हत्या में अपने भागीदारी के लिए मुख्य रूप से जाने जाते थे | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में राजगुरु की शहादत एक महत्वपूर्ण घटना थी | ये Hindustan Socialist Republican Association के member थे, इनका मुख्य उद्देश भारत को ब्रिटिश राज से आजादी दिलाना था | 23 March 1931 को Shivaram Rajguru को  भगत सिंह और सुखदेव के साथ ही फाँसी पर लटका दिया गया था |

Shivaram Rajguru Indian Freedom Fighter Biography

तो आइये चलिये जानते है freedom fighter Rajguru जी की history, family और सहादत के बारे में विस्तार से |

जन्म / Birth

Shivaram Rajguru  का जन्म 24 August 1908 को पुणे के निकट खेड ग्राम में हुआ | मात्र 6 वर्ष की उम्र में ही Rajguru के पिता का देहांत हो गया था, पिता के देहांत होने के बाद वे Varanasi  आ गए और यहाँ पहुँच कर वे पढाई करने लगे और संस्कृत सिखने लगे | Rajguru ने हिन्दु धर्म-ग्रंन्थों के साथ साथ कई वेदो का भी अध्ययन किया, इन्हें पढाई के साथ साथ exerices का बड़ा शौक था |

Biography

Name : Shivaram Rajguru

Date of Birth : 24 August 1908

Birth Place : Rajgurunagar, Pune

Sacrifice for Country : 23 March 1931


परिवार और प्रारंभिक जीवन / Family & Starting Life

Shivaram Rajguru  को बचपन से देशभक्ति का जुनून था | Rajguru एक शांत और साधारण जीने वाले family से belong करते थे, लेकिन  Rajguru अपने परिवार के विपरीत अशांति स्वभाव वाले व्यक्ति थे | जब से उन्होंने अपना होश संभाला था तब से उन्होंने अंग्रेजों के जुल्म को अपने आँखों के सामने होते देखा था | इसी कारण से उनके अंदर आज़ादी की लड़ाई लड़ने की ज्वाला फूटी | यही कारण था सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने हिंदुस्तान रिपब्ल‍िकन आर्मी को join कर लिया था | हिंदुस्तान रिपब्ल‍िकन आर्मी को join करने का उनका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश अधिकारीयों के मन में कौफ पैदा करना था | Rajguru का मानना था की अगर कोई एक गाल में मारे तो सामने वाले को दोनों गाल पर मरना चाहिये और किसी भी तरह का अन्याय नहीं सहना चाहिए, इसलिए वे महात्मा गांधी के विचार के विरुद्ध रहते थे, महात्मा गांधी और Rajguru  के विचार आपस में मेल नहीं खाते थे |

क्रांतिकारी जीवन और सहादत

लाला लाजपत राय की मृत्यु के बाद राजगुरु और उनके साथी क्रोधित हो गए और 19 दिसंबर 1928 को Shivaram Rajguru  ने भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिल कर एक British Police Officer JP Saunders की हत्या कर दी थी | इसके बाद राजगुरु ने Delhi के Central Assembly में भगत सिंह और सुखदेव के साथ बम फेका जिससे किसी को भी किसी तरह का नुकसान नही हुआ और साथ ही साथ हाल में ही परचा फेका | इसके बाद plan के अनुसार राजगुरु Assembly Hall से निकल गए और भगत सिंह और सुखदेव ने hall में ही police के सामने आत्मसमर्पण कर दिया | इस घटना के बात इनका खौफ पूरे ब्रिटिश अधिकारीयों को सताने लगा, और ब्रिटिश सरकार इन राजगुरु  को पकड़ने के लिए उपाए लगाने लगी |

British Police Officer की हत्या के बाद राजगुरु नागपुर में छिप गए और वहा उन्होंने डा. केबी हेडगेवर से मिल कर आगे की रणनीति पर काम किया | Pune जाने के क्रम में police ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया और 23 मार्च 1931 को इन्हें भगत सिंह और सुखदेव के साथ फांसी में लटका दिया, जब इन्हें फांसी दी गई थी तब इनकी उम्र सिर्फ 21 वर्ष थी |

One thought on “महान शिवराम राजगुरु की जीवनी – History and Family

  1. Sonu

    आप बहुत अच्छा काम कर रही हो आपके लिखने की कला बेहतरीन है ।

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