Shri Panchmukhi Hanuman Mantra and its Benefits

By | May 2, 2016

Chaliye aaj jante hai Shri Panchmukhi Hanuman ji ke Mantra ke bare mein aur iske benefits. यह एक ऐसा मंत्र है जिससे  आप अपने जीवन में सकारात्मक सोच ला कर अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं | Hanuman ji के बहुत से रूप की साधना की जाती है। उनके अनेक रूप में से एक रूप है Panchmukhi रूप जिसकी वजह से उन्हें पंचमुखी हनुमान  भी कहा जाता है। Hanuman जी को पंचमुखी हनुमान कहने के पीछे एक प्रसिद्ध कहानी इस प्रकार है |

Shri Panchmukhi Hanuman

जैसा की हम सभी जानते है की Shri Hanuman ji ko kai naamo se jana jata hai | एक बार जब  भगवान राम और रावण के बीच युद्ध हो रहा था तो रावन के भाई ने उसकी help करने के लिए एक ऐसी चल चली की सारी सेना गहरी नींद में सो गई। तत्पश्चात दशरथ नंदन राम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण का हरण कर के उन्हें पाताल लोक(Hades) ले जाया गया। जैसे हीं ये बात Hanuman ji को पता चली वो फ़ौरन हीं भगवान राम और लक्ष्मण को बचाने  के लिए पाताल लोक चले गए ।

जैसे हीं Hanuman ji पातालपुरी के महल में गए तो उन्होंने देखा की भगवान राम और लक्ष्मण दोनों को हीं वहां बंधक बना कर रखा गया था। फिर Hanuman ji की नजर वहां जलती पांच दीपक पर गई जो की पांच अलग दिशा में जल रही थी । वहां मां भवानी के निकट श्रीराम और लक्ष्मण की बलि चढ़ाने की पूरी प्रबंध भी की गई थी। तत्पश्चात Hanuman ji ने जाना की अगर अहिरावण का नाश करना है और वहां से राम जी और लक्ष्मण जी को बचाना है तो उसके लिए उन्हें वहां जलते पांच दीपकों को एक साथ बुझाना होगा। जैसे हीं Hanuman ji को इस रहस्य के बारे में पता चला उन्होंने अपना पंचमुखी रूप धारण किया । Hanuman ji का ये panchmukhi रूप तीन आंखों वाला व दो भुजाओं (arms) वाले था ।


आप पूर्ण हनुमान चालीसा को यहाँ पर विस्तार पूर्वक पढ़ और समझ सकते हैं |

Hanuman ji के panchmukhi रूप में पूर्वयानि की east direction की तरफ उनका हनुमान मुख था , पश्चिम यानि की west direction की तरफ उनका गरूड़ मुख था , उत्तर यानि की north direction की तरफ उनका वराह मुख था , दक्षिण यानि की south direction की तरफ उनका नरसिंह मुख और आसमान  की तरफ उनका हयग्रीव मुख था । इस तरह से Hanuman ji ने panchmukhi रूप धारण कर के वहां के पांचो दीपकों को बुझा दिया और अहिरावण का अंत कर के राम और लक्ष्मण की प्राणों की रक्षा की । तब से उन्हें Panchmukhi Hanuman के नाम से जाना जाने लगा ।

Panchmukhi Hanuman Mantra  

॥ ऊं पंचवक्त्राय हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा ॥

इस मंत्र का जाप दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर के रात में 9 से 3 बजे के बीच करना चाहिए। जाप से पूर्व लाल वस्त्र धारण कर लें और लाल आसन पर हीं बैठ कर जाप करे । 

मंत्र पढने के फायदे / Benefits of Chanting Mantra 

  • इस मंत्र का जाप करने से से हर कलह और दु:ख दर्द दूर और prosperity आती है ।
  • श्री पंचमुखी हनुमान जी के mantra के जाप से दुश्मनों का नाश होता है।
  • इसके साथ अगर आप हनुमान जी की पूजा और इस अदभुत मंत्र के जाप करते हैं तो सभी प्रकार के संकट और बाधाएं ख़त्म होती है ।
  • अगर आप ध्यान लगा कर इस मंत्र का जान करते हैं तो धन, दौलत, यश, लंबी आयु, आदि की प्राप्ति होती है।
  • इसके अलावा इस mantra के जाप से हर चिंताएं , परेशानी और भय से मुक्ति मिलती  हैऔर सभी बुरे कर्म के दोष दूर होती है ।

अगर आपके पास और कोई सुझाव है तो मेरे साथ अवस्य साँझा करे |

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