Symptoms of Swine Flu and Home Treatment India – स्वाइन फ्लू का इलाज

By | June 25, 2015

स्वाइन फ्लू (swine flu) एक तरह का बुखार है जो H1N1 VIRUS के शरीर में प्रवेश कर जाने से होता है परन्तु इसका home treatment घर पर ही किया जा सकता है| यह वायरस हमारे शरीर के immune system पर हमला करता है और हमारे शरीर को होस्ट (host) के रूप में इस्तेमाल कर खुद की संख्या में बृद्धि करता है | यह हमारे खून में पहुँच कर कोशिकाओ को खाने लगता है | जिससे शरीर कमजोर पड़कर बीमार होने लगता है | जब हमारा शरीर का रक्षा तंत्र इस virus से हमारे शरीर को बचाने के लिए लड़ता है, तो हमारे शरीर में तेज बुखार आने लगता है | यह virus मुख्य रूप से सूवार (pig) से मच्छरों के द्वारा मनुष्य में पहुचता है | यह एक फैलने वाला बीमारी है, जो एक मनुष्य से दुसरे मनुष्य में फ़ैल सकता है | यह बीमारी सबसे अधिक 5 साल से कम और 60 साल से अधिक उम्र के लोगो को ज्याद होता है, क्योकि उनमे immune system काफी कमजोर रहता है | इसके अलावा अस्थमा, मधुमेह, तथा दिल की बीमारी वाले व्यक्ति में भी तुरंत फ़ैल सकता है |

Swine Flu

Swine flu ek tarah ka bukhar hota hai jo h1n1 virus ke sharir me prawesh kar jane se hota hai . yah virus hamare sharir ke immune system par hamla karta hai. yah hamare sharir me pahuch kar apni sankhya me vriddhi karta hai. Yah hamare khoon me maujood koshikao ko khane lagta hai, jisse hamare sharir kamjor padne lagta hai. Yah ek failne wal bimari hai jo suwar (pig) se machcharo (mosquito) ke duwara manushy (human body) sharir me pahuchta hai. Ye waise sharir ko jiski immune shakti kamjor hota hai oss par jaldi aaghat pahuchata hai.

स्वाइन फ्लू के लक्षण (swine flu ke lakshan) / Symptoms of Swine Flu

किसी व्यक्ति को स्वाइन flu हो जाने पर उस व्यक्ति में बीमारी के कई लक्षण दिखाई देतें है |

  • शरीर का कमजोर पाड जाना |
  • छींक आना |
  • भूख न लगना या खाने में कमी |
  • शरीर का त्वचा का रंग नीला होने लगता है |
  • स्वांस लेने में परेशानी होती है |
  • cough कॉफ़ आने लगता है |
  • तेज बुखार के कारण शरीर गर्म होने लगता है |
  • गले में दर्द, सिर में दर्द, पेट में संक्रमण और vomiting होने लगता है |

कुछ आवश्यक सावधानिया / Necessary Precaution

अगर किसी व्यक्ति को स्वाइन flu हो जाये तो उसे कुछ बातो का खास रूप से ध्यान रखना  चाहिए | जिससे की वह बीमारी गंभीर रूप से न फलने पाए, और वह बीमारी औरो में ना फैले |


  • स्वस्थ व्यक्ति को हमेशा अपना चेहरा साफ कपडे से ढक के रखना चाहिए |
  • जिस व्यक्ति को यह रोग हुवा हो, उसे भी अपना मुख ढाक के रखना चाहिए |
  • स्वस्थ व्यक्ति को स्वाइन flu से बीमार व्यक्ति से कम से कम 6 फीट की दुरी बना कर रखना चाहिए |
  • स्वाइन flu से पीड़ित व्यक्ति को छींक आने पर अपने मुंख को किसी कपडे से या tissue paper से ढाक लेना चाहिए | उस paper या कपडे को दूर कही फेंक देना चाहिए, ध्यान रखे उस गन्दी paper के संपर्क में कोई न आने पाये | खुले में छींकने पर यह virus हवा से दुसरे व्यक्ति में पहुँच सकता है |
  • जब भी कॉफ़ (cough) अये, उसे बहार निकाल दे उसे पुन अन्दर न जाने दे |
  • हाथो को antiseptic साबुन से धोना चाहिए |
  • गंदे हाथो से आँखों को या फिर चेहरे को नहीं छुना चाहिए, इससे virus से संक्रमण फ़ैल सकता है |

स्वाइन flu से निजात पाने के उपाए (swine flu se nijaat pane ke ilaj) / How to get ride of Swine Flu

तुलसी का पत्ता (basil leaves) – तुलसी के पत्ते में anticeptic गुण मिलता है | जो स्वाइन flu होने पर इस रोग से उबरने में मदद करता है |

  • रोजाना खली पेट 8 स 10 तुलसी के पत्ते को खयें |
  • लगभग एक महीने तक इसे खाने से स्वाइन flu का प्रभाव ख़त्म हो जाता है |

गिलोय (giloy) – इसे अमृत वल्ली भी कहते है, वैज्ञानिक नाम – Tinospora cardifola

  • यह एक लता वाला पौधा होता है, जो वृक्क्ष के शहारे उगता है | इसका पत्ता पान की तरह दीखता है | इसके तने के भित्तर एक तरह का तरल मिलता है, जिसका उपयोग स्वाइन flu के उपचार में किया जाता है |
  • giloy के लते को 1 फीट तोड़ ले | अब उस लते के भीतर से उसमे पाए जाने वाले तरल को निकाल ले |
  • 8 से 10 तुलसी का पत्ता को giloy से निकाले गए तरल में डाल कर 5 से 6 minute तक उबाले |
  • अब उस घोल को उत्तर कर हल्का ठंडा कर ले, और उसमे थोडा सा सेंध नमक मिलाकर पिए |
  • अगर आपको giloy के स्वाद से परेशानी होती है, तो आप उसमे मिश्री (misri) मिलाकर के भी पी सकते है |
  • इसे आप प्रतिदिन एक महीने तक रोजाना एक ग्लास लेते रहे |

अदरक (garlic) – अदरक में पाए जाने वाले gradients गले से होने वाले संक्रमण के खिलाफ लड़ने में मदद करता है | स्वाइन flu के समय गले में एक तरह का संक्रमण होने लगता है, गिसके कारण गले में दर्द होने लगती है |  अदरक के इस्तेमाल से हम गले मे होने वाले खरास को दूर कर सकते है | यह हमारे immune system को भी मजबूत बनाता है |

  • अदरक का सेवन कभी भी किया जा सकता है, इसे आप किसी भी समय कच्चे ही चबाकर खा सकते है |
  • इसके अलावा अदरक को गर्म पानी में उबाल कर के भी उस अदरक पानी को पी सकते है |
  • इस प्रक्रिया को प्रतिदीन करे जब कभी भी आपको गले में खरास हो |

Vitamin C  –  स्वाइन flu के होने पर vitamin c का सेवन करना चाहिए | इससे भी immune system को शक्ति मिलता है | जो स्वाइन flu के virus से लड़ता है |

  • Vitamin – c के लिए कोई भी फल जैसे नीबूं, सेब, नासपती, नारंगी, आदि को आप रोजन इस्तेमाल अपने खाध्य पदार्थो के रूप में कर सकते है |

प्राणायाम (Yoga) –  रोजाना प्राणायाम करे जिससे आपके शरीर को मजबूती मिलेगी और शरीर तंदरुस्त बना रहेगा | जिसके कारण रोग से लड़ने में आप को मदद मिलेगी |

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