Symptomps and 6 Home Remedies for Cholesterol (ilaj)

By | July 29, 2015

कोलेस्ट्रोल हमारे रक्त में पाए जाने वाले वसा है जिसका एक निश्चित मात्रा में हमारे शरीर में होना आवशयक है परन्तु कई बार विभिन्न कारणों से यह देखा जाता है की हमारे शरीरमें जर्रूरत से इज्यादा कोलेस्ट्रोल बनने लगता है जिसके कारण हमारे शरीर में कई तरह के बिमारिया होने लगती है | वैसे तो कोलेस्ट्रोल हम सभी के शरीर में पाया जाता है | परन्तु किसी किसी के शरीर में काफी अधिक मात्रा में होता है | जिसके कारण उन्हें उच्च रक्त चाप एवं दिल से सम्बंधित बीमारियाँ गंभीर रूप से जकड लेती है | हमारे शरीर में तीन तरह के कोलेस्ट्रोल पाए जाते है , जो अलग अलग गुणों वाले होते है |   इनमे से सभी का कुछ न कुछ मात्रा में होना आवश्यक है |

Cholesterol

Cholesterol hamare rakt me paye jane wale washa hai .  jiska ek nishchit matraa me hamare sharir me hona awashyak hai.  parantu kai bar vibhinn karano se yah dekha jata hai ki hamare sharir me jarurat se jyada cholesterol  banne lagta hai.  jiske karan hamare sharir me kai tarah ke bimariya hone lagti hai waise to cholesterol ham sabhi ke sharir me paya jata hai. parantu kisi kisi ke saharir me kafi adhik matraa me paya jata hai. jiske karan use uchch rakt chap ewam dil se sambandhit bimariya gambhi roop se jakaad leti hai . hamare sharir me teen tarah ke cholesterol paya jata hai, jo allag allag guno wala hota hai .

  • HDI – high density lipoprotein
  • LDL – low desity lipoprotein
  • triglycerids
  • हमारे रक्त में पाए जाने वाले high डेंसिटी lipoprotin (hdl) कोलेस्ट्रोल हमरे शरीर से अतिरीक्त वसा को वापस लीवर में ले जाने का कार्य करता है परन्तु इसकी भी मात्रा की मात्रा 40 मिली gram प्रति dl से कम नहीं होना चाहिए |
  • दुसरे स्थान में निम्न घनत्व (density) वाले lipoprotein वसा (L.D.L) है , यह हमारे शरीर के लिए घातक होता है यही हमारे शरीर के रक्त वाहिनियो में वसा को अधिक मात्रा में पहुचाता है जिससे रक्त नालिकाओ में अतिरीक्त कोलेस्ट्रोल जमने लगते है | इस कोलेस्ट्रोल की उचित मात्रा हमारे शरीर के लिए 130 मिली ग्राम / घनत्व लेपोप्रोटीन निर्धारित की गयी है |
  • Triglycerids – इस प्रकार की कोलेस्ट्रोल की उचित मात्रा 150 मिली ग्राम प्रति dl से कम होनी चाहिए | यह एक प्रकार का हानिकारक कोलेस्ट्रोल है, जिसके शरीर में अधिक मात्रा में होने पर मधुमेह और दिल का दौरा जैसे गंभीर बीमारिया हो सकती है | इस प्रकार के कोलस्ट्रोल का निर्माण हमरे शारीर में नहीं होता , इसका हमारे शरीर में प्रवेश विभिन प्रकार को उच्च karbohydrates और वसा वाले भोज्य पदार्थो के अत्यधिक सेवन करने से होता है |

कोलेस्ट्रोल से होने वाली समस्याए / Problems with Cholesterol

अगर किसी के शरीर में जरुरत से ज्यादा कोलेस्ट्रोल के जमा होने पर गंभीर परिणाम उत्पन होते है | जिसके कारण कई तरह के बीमारियो का सामना उस व्यक्ति को करना पड सकता है | कभी कभी यह मौत का कारण भी बन जाती है | कोलेस्ट्रोल मनुष्य में कई तरह के बीमारियो को जन्म देता है जो इस प्रकार है |

  • हृदय रोग – कोलेस्ट्रोल के अत्यधिक मात्रा से heart अटैक आने के chancess काफी अधिक हो जाती है
  • रक्त नालिकाओ में अवरोध – अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रोल होने पर वे रक्त नालिकाओ के भीतरी दिवार में चिपक जाते है , लगातार जमा होते रहने के कारण रक्त नालिकाओ में वसा की मोटी परत के जमने के कारण रक्त प्रवाह में अवरोध होने लगता है , और रक्त का सांचालन ठीक से नहीं हो पाता है |
  • कोलेस्ट्रोल के कारण मधुमेह होने का भी खतरा बढ़ जाता है |
  • कोलेस्ट्रोल के कारण kidney का भी ख़राब होने का डर होता है |

कोलेस्ट्रोल की उच्च मात्रा से शरीर को बचाने के उपाए / Cholesterol Home Treatment by Controlling the limit 


कोलेस्ट्रोल की समस्या किसी को भी हो सकता है चाहे वह स्त्री हो या पुरुष इसके अलावा यह ज्यादा ऊम्र वाले को भी हो सकती है या कम ऊम्र के बच्चो को भी हो सकती है | अधिकतर लोग सोचते है high कोलेस्ट्रोल केवल मोटे लोगो में होता है | परन्तु यह गलत धरना है, यह दुबले पतले लोगो में भी अधिक हो सकता है | उच्च कोलेस्ट्रोल से बचना काफी आवश्यक है | अगर सही समय पर इसका उपचार नहीं किया गया तो यह जान ले सकता है | अत ; हमें इसके प्रति जागरूक रहना काफी अवास्यक है | हमें इससे बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की जरुरत है ,साथ ही कई तरह से हम अपने शरीर में कोलेस्ट्रोल के level को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहना चाहिए | – जैसे-

अपने खानपान में ध्यान – हमें अपने खानपान में हर वक़्त धयान रखना चाहिए , वैसे खाद्य पदार्थो का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए जिसमे कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक हो |

  • हरे सब्जियों का अधिक सेवन करे ,इसमें वसा कम रहता है |
  • अधिक चर्बी वाले मांस का सेवन करने से बचे जैसे beef, pork , दूध, मुर्गी  या कोई भी ऐसा non-vegetarian food |
  • अपने खाने की चीजो को एक लिमिट list बना ले और जरुरत से ज्यादा खाने से बचे |

 व्यायाम – अपने शरीर में अतिरीक्त चर्बी और कोलेस्ट्रोल को घटाने के लिए रोजाना दिन में दो बार व्यायाम करनी चाहिए |

  • रोजाना व्यायाम करने से calorie burn होगा और चर्बी कम होने लगेगी |
  • रक्त नालिकाओ में रक्त का संचरण में सुधर होगा | जिसके कारण दिल की समस्याए होने से बचेंगे |
  • व्यायाम से शारीर का सारा अंग ठीक से कम करने लगता है | जिसके कारण भी कोलेस्ट्रोल की मात्रा शरीर में संतिलित होने लगती है |

घरेलु तरीको को अपनाकर / Home Treatment / Gherulu Ilaj

हरा फूलगोभी –  हरा फूलगोभी में potasium जैसे minerals तथा क्रोमियम जैसे खनिज उचित मात्रा में उपलब्ध होता है  | इसके अलावा यह रेशेदार भी होती है , अत; इसका सेवन से रक्त में कोलेस्ट्रोल की अत्यधिक मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है |

मछली ; मछली में पाए जाने वाली एसिड जिसे ओमेगा 3 के नाम से जाना जाता है | यह हमारे शरीर से low density lipoprotein  (कोलेस्ट्रोल को बढ़ने वाला ) की मात्रा को कम करता है ; अत ; हमें मछली का सेवन करना चाहिए |

जैतून का एवं तिल का तेल – इन दोनों तेल में वसा को कम करने की शक्ति होती है | अत; इनका सेवन करने से भी लाभ मिलेगा |

धुम्रपान और अल्कोहाल से परहेज – धुम्रपान एवं अल्कोहल हमारे रक्त नालिकाओ में हानिकारक कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ने में मदद करते है , अत; इन दोनों के सेवन से हमें बचने का प्रयास करना चाहिए |

मधुरस (honey)– मधुरस को हल्के गर्म पानी से मिलाकर पिने से भी कोलेस्ट्रोल का मात्रा को रक्त में नियंत्रित किया जा सकता है |

  • 1 कप हलके गर्म पानी में दो चम्मच मधुरस मिला ले, फिर उसे पिए |
  • रोजाना दिन में 2 बार सुबह खली पेट और रत में सोने से पहले इसका सेवन करे |

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