Uric Acid Full Diet Chart in Hindi to Control – क्या खाए

By | July 10, 2017

Janiye kya hai Uric Acid ka complete diet chart jisse aap ise control kar sakte hain in Hindi. Kya khana chahiye aur kya na kahye ki puri jankari. मानव शरीर में कई प्रकार की क्रियाएं होती है और इन क्रिया में कई प्रकार के विषाक्त प्रदार्थ उत्पन्न होता है | शरीर में पाचन क्रिया के दौरान जब प्रोटीन टूटता है तो उसमे से Uric acid उत्पन्न होता है | यह एक प्रकार का यौगिक है जो कार्बन, हाईड्रोजन, नाइट्रोजन, एवं ऑक्सीजन से बना होता है | शरीर में इस अम्ल की अधिकता होने से यह हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर करता है और हमे अस्वस्थ बनाता है | आपको अक्सर यह देखने को मिलता होगा की जो व्यक्ति शारीरिक कार्य या किसी भी प्रकार का व्यायाम नहीं करते उनके शरीर में इस अम्ल की शिकायत को पाया जाता है | इस समस्या का समाधान के लिए दवा और व्यायाम के साथ साथ हमे balance diet की आवश्यकता होती है | अगर आप इस समस्या से ग्रषित है और अपने समस्या का समाधान करने के लिए diet chart ढूंड रहे है ? क्या आप इस बात की जानकारी लेना चाहते है की इस समस्या में किस खाद्य प्रदार्थ का सेवन करना चाहिए ? अगर हाँ तो आज आपको बताते है uric acid की समस्या में किस खाद्य प्रदार्थ का सेवन करना चाहिए |

Diet for uric acid control in Hindi

Diet for Uric Acid Patient

अगर आपके शरीर में uric acid की मात्रा बढ़ गई है और आप इससे होने वाले समस्या का समाधान करना चाहते है तो निम्न बातो का खास ध्यान दे |

  • पानी – पानी एक मात्र ऐसा प्रदार्थ है जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में काफी अहम् योगदान देता है | पानी हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले विषाक्त प्रदार्थ जो हमारे हमे अस्वस्थ करता है उन्हें पेशाब के माध्यम से हमारे शरीर से बाहर निकलता है और हमे स्वस्थ रखता है | अगर आपके शरीर में uric acid की मात्र बढ़ गई है तो आप रोजाना कम से कम 3-4 लीटर पानी का सेवन करे |
  • चेरी – अगर आप इस बीमारी से ग्रषित है तो आप रोजाना 200 grm चेरी का सेवन करे | चेरी का इस्तेमाल किसी खास व्यंजन में या और किसी अन्य प्रकार से किया जाता है | इसमें anthocyanis नाम का anti – inflammatory substance की उपस्थिति रहती है जो शरीर में उत्पन्न uric acid के उच्च स्तर को कम करने में मदद करता है | anthocyanis शरीर के जोड़ो पर crystallizing और इसे जमा होने से रोकता है | चेरी के स्थान पर आप जामुन, strawberries या blueberries का सेवन कर सकते है |
  • सेव – अंग्रेजी में एक कहावत है, “eat an apple a day keep doctor away” अगर आप रोजाना भोजन करने के उपरांत एक सेव का सेवन करते है तो आप इस समस्या का समाधान कर सकते है | सेव में malic acid की मौजूदगी होती है जो हमारे शरीर में इसकी मात्र को बढ़ने से रोकता है  और हमे स्वस्थ रखता है | अगर आप जड़ से इसे मिटाना चाहते है तो आप आप यूरिक एसिड के उपचार को यहाँ पर जरुर पढ़े
  • Lemon – अगर आप इस बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो रोजाना दिन में दो बार एक ग्लास पानी में आधा निम्बू निचोड़ कर पिए | निम्बू में citric acid मौजूद होता है जो uric acid का solvent होता है जो इसे हमारे शरीर के लिए विफल करता है और हमे स्वस्थ रखता है | |
  • Vegetable juices – रोजाना के आहार में बीट, ककड़ी एवं गाजर का जूस इन मरीजो के लिए काफी फायदेमंद होता है | 100 ml बीट एवं 100 ml ककड़ी के जूस को 300 ml गाजर के जूस में मिलाकर रोजाना सेवन करे इससे uric acid का स्तर सामान्य होगा |
  • Vitamin C युक्त भोजन –यह इसको विखंडित कर मूत्र के साथ शरीर से निकलने का कार्य करता है | साथ ही साथ इसके बढे  हुए स्तर को सामान्य करने के लिए vitamin c यूक्त भोजन करना आवश्यक है | अगर आपके शरीर में इसके बढे हुए का स्तर को कम करना चाहत एही तो आप रोजाना अवला, अमरूद, कीवी, मीठे चूने, नारंगी, शिमला मिर्च, नींबू, टमाटर और हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन करे |
  • High-Fibre Foods – इस रोग से ग्रषित  वाले व्यक्ति को फाइबर यूक्त भोजन का सेवन करना लाभदायक शिद्ध होता है | फाइबर हमारे शरीर में uric acid को blood-stream में अवशोषित करता है और शरीर में इसके स्तर को सामान्य करता है | शरीर को आवश्यक फाइबर के लिए आप ओट, ब्रोकोली, सेब, नारंगी, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, खीरे, अजवाइन, गाजर एवं जौ का सेवन कर सकते है |

क्या नहीं कहना चाहिए / What not to eat

जो भी लोग Uric acid से ग्रषित हैं उनको अपने आहार में निम्न खाद्य प्रदार्थ  (food) का सेवन नहीं करना चाहिए :-

  • अगर आप मांस मछली का सेवन करते है तो uric acid के स्तर सामान्य हो जाने तक मांस मछली का सेवन बंद कर दे |
  • रोजाना के आहार में मसूर, चना, राजमा, छोला आदि का सेवन नहीं करे |
  • स्वस्थ शरीर के लिए हरा सब्जी एवं फल का सेवन करना फायदेमंद होता है | अगर आप इससे लगातार परेशान है तो आप हरा मटर, पालक, फ्रेंच बीन्स, बैंगन, फूलगोभी, मशरूम, चिकू, कस्टर्ड सेब आदि का सेवन नहीं करे |
  • अगर आप नित्य शराब का सेवन करते है तो आप शराब का सेवन बंद कर दे |
  • अपने भोजन में नमक का सेवन अधिक नहीं करे |

 

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