वात रोग – Vaat Rog ke Karan, Lakshan aur Ilaj

By | August 3, 2017

क्या आप भी वात रोग से परेशान हैं और इस के लक्षण और कारण को जानना चाहते हैं ? असल में यह जोड़ो के दर्द के साथ start होता है, जानिए इसके प्रकृति के symptoms को | असल में वात को गठिया रोग भी कहा जाता है | गठिया दर्द और degenerative conditions का एक समूह है जो जोड़ों में सूजन से होता है जो कठोरता और दर्द का कारण बनता है | इस रोग से अधिकतर वृद्ध लोग ग्रषित रहते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है, गठिया की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है | शरीर में uric acid की मात्रा बढ़ जाना वात रोग का मुख्य कारण होता है | इस रोग में मरीज के शरीर के सभी छोटे-बड़े जोड़ो तथा मांसपेशियों में सुजन तथा दर्द होने लगता है | वात की बीमारी में शरीर के किसी किसी जोड़ो में अत्यधिक दर्द के साथ लालिमायुक्त सुजन हो जाता है, जिससे मरीज को बुखार तक हो जाता है |

Vaat Rog ke lakshan aur ilaj

वात रोग होने के कारण 

यह एक ऐसा disease है जिसके पीछे केवल एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं | तो चलिये जानते हैं वात रोग के कारण कौन कौन से हैं :


  • हमारे शरीर में Iron, calcium, estrogen और पोषक तत्वों की कमी होने से गठिया रोग की समस्या उत्पन हो जाती है |

 

  • खाना खाने की तुरंत बाद बिस्तर में जाने के कारण भी यह बीमारी उत्पन हो जाती है | इसलिए खाना खाने के उपरांत हमे कभी भी एक स्थान पर बैठना या सोना नहीं चाहिए | खाना खाने के बाद हमे कम से कम 15 से 20 मिनट टहलने के बाद ही आराम करना चाहिए |

 

  • जिन लोगो का मिज़ाज अधिक गुस्सा वाला है, या जो लोग ठंड के दिनों में अधिक देर तक सोए रहते उन्हें भी गठिया की समस्या हो सकती है, इसलिए हमे अपने मूड को अच्छा रखने के लिए सुबह जल्दी उठ कर morning walk पर जाना चाहिए या फिर थोड़ी बहुत exercise करनी चाहिए |

 

  • packed food, junk food या fast food का अधिक उपभोग वाले लोग भी इस रोग का शिकार हो जाते हैं, क्योकि इन सभी खानों में fats की मात्रा अधिक होती है जो की हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है | इसलिए हमे इन सभी पदर्थो का सेवन कम से कम करना चाहिए |

 

  • बहुत से ऐसे लोग होते है जिन्हें अधिक मात्रा में भोजन खाने की आदत होती है और ऐसे व्यक्तियों का वजन बहुत अधिक होता है | अपने बढे हुए वजन की वजह से वे किसी तरह का physical work कर नहीं पाते है, और जिसके कारण उन्हें वात रोग की समस्या उत्पन्न हो जाती है | इसलिए हमे हमेशा एक संतुलित आहार को लेना चाहिए जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहे |

 

  • एक ही स्थान पर अधिक देर तक बैठने से भी इस बीमारी की समस्या उत्पन हो जाती है | इसीलिए हमे कभी भी एक स्थान पर लम्बे समय तक बैठ कर नहीं रहना चाहिए | यदि हम लम्बे समय तक बैठे रहने वाला काम करते है तो हमे बीच-बीच में उठ कर थोडा टहल लेना चाहिए |

वात रोग के लक्षण / Symptoms

जब भी patient किसी भी बीमारी से ग्रस्त हो तो उसे सबसे पहले उसके लक्षण को पहचानना चाहिए ताकि सही उपचार किया जा सके | तो दोस्तों आइये जानते हैं वात रोग होने के लक्षण कौन कौन से हैं:

  • हड्डियों और जोड़ो में अधिक मात्रा में uric acid बढ़ जाने के कारण यह रोग उत्पन होता है | इस रोग का लक्षण यह है की इस बीमारी की वजह से शरीर के जोड़ो में सुजन आने लगता है जिससे उठने, बैठने तथा चलने, में जकड़न महसूस होता है |

 

  • वात रोग से ग्रसित मरीजों का गला बहुत अधिक सूखता है, जिसकी वजह से उन्हें बार बार प्यास लगती है और पानी की मांग करते हैं |

 

  • हाथ और पैरो में गांठे बनने लगती है, जिससे मरीज को चलने फिरने में मुश्किल होने लगती है | किसी के साथ ऐसी स्थिति उत्पन होने पर उन्हें फौरन doctor के पास जाना चाहिए क्योकि यह वात का चरम सीमा होता है |

 

  • इस रोग से ग्रसित मरीज को लगातार कब्ज और बुखार होने लगती है, जिसके कारण वात की समस्या और अधिक बढ़ जाती है |

इलाज / Treatment

अगर आप वात रोग के इलाज को जानना चाहते है तो आप http://www.hindiremedy.com/gathiya-disease-treatment/ को जरुर पढ़े जिसमें आपको वात रोग के treatment और इलाज से जुडी पूरी जानकारी मिल जायेगी |

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