दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर की जानकारी – Biggest Temple

By | February 24, 2017

क्या आपको मालूम है दुनिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर कहाँ पर है और इसकी विशेषता ? जानिए India और world के 10 biggest temple कौन सा है | वैसे तो कहा जाता है की भगवान् चारो ओर है। फिर भी लोग इनकी पूजा दूर दूर तक स्थापित मंदिरों में जा कर करते है। पूरी दुनिया में ना जाने कितने मंदिर होंगे और इन सभी मंदिरों में भक्त पूरी आस्था और विश्वास के साथ पूजा करने जाते है। लेकिन क्या आप जानते है की पुरे विश्व में सबसे बड़े मंदिरों का नाम क्या है और ये कहाँ स्थापित है ? इस article में हम आपको बताने जा रहे है विश्व के 10 सबसे बड़े मंदिरों (temples) के बारे में ।

Biggest Temple - Duniya ka sabse bada Mandir ki jankari

दुनिया का 10 सबसे बड़ा मंदिर / World’s 10 Biggest Temple

वैसे तो दुनिया में कई हिन्दू मंदिर हैं, पर निचे बतालये गये मंदिरों की बात ही कुछ और है, तो चलिए जानते है दुनिया का सबसे बड़े मंदिर के बारे में विस्तार से:

अंकोरवाट मंदिर

यह मंदिर पूरी विश्व का सबसे बड़ा व विशाल मंदिर है जो की कंबोडिया के अंकोर में स्थापित है । यह मंदिर लगभग 820,000 square meter में फैला हुआ है । इस मंदिर का निर्माण 12th century में सूर्यवर्मन द्वितीय द्वारा किया गया था । इस मंदिर के दीवारों परIndian scriptures के प्रसंगों का चित्रण है । अंकोरवाट मंदिर को विश्व को 8वां अजूबा भी कहा जाता है ।

 

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर

अंकोरवाट मंदिर के बाद विश्व का second सबसे बड़ा मंदिर श्री रंगनाथस्वामी मंदिर को माना गया है जो की तमिलनाडु (भारत) में स्थित है । ये मंदिर लगभग 631,000 square meter में फैला हुआ है । ये एक हन्दू धर्म स्थल है जहाँ पर lord vishnu की पूजा रंगनाथन के रूप की जाती है ।

 

अक्षरधाम मंदिर

अक्षरधाम मंदिर भी हिन्दू धर्म का एक बहुत हीं बड़ा धार्मिक स्थल है जो की दिल्ली में स्थापित है । ये मंदिर लगभग 240,000 square meter में फैला हुआ है । इस मंदिर को स्वामीनारायण मंदिर भी कहते है। इस मंदिर का गठन श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था के main स्वामी महाराज द्वारा की गई है ।

 

थिल्लई नटराज मंदिर

इस मंदिर को भी दुनिया के 10 बड़े मंदिरों में गिना जाता है जो की चिदंबरम, तमिलनाडु ( भारत) में स्थापित है । ये मंदिर लगभग 160,000 square meter में फैला हुआ है । यहाँ भगवान शिव की पूजा की जाती है । शिव के अलावा इस मंदिर में सिवाकामी अम्मन, गणेश, मुरुगन तथा गोविन्दराजा पेरूमल की भी पूजा होती है ।

 

बेलूर मठ

ये मंदिर Kolkata (पश्चिम बंगाल) के हुगली नदी के दक्षिण तट पर स्थापित है । ये मंदिर भी लगभग 160,000 square meter यानि 40 Acres में फैला हुआ है । इस मंदिर को धर्मो की एकता का प्रतीक कहा जाता है क्योंकि इस मठ की वास्तु में  हिन्दू, इसाई व इस्लामी तत्वों का जोड़ है । ये मंदिर रामकृष्ण मिशन Institute का केंद्र स्थान भी है ।

 

बृहदेश्वर मंदिर

ये मंदिर भी तमिलनाडु के तंजावुर शहर में स्थापित है । ये मंदिर 102,400 square meter में फैला हुआ है । इस मंदिर का निर्माण राजा चोल द्वारा सन 1010 में कराया गया था। उस time यह मंदिर दुनिया के विशाल संरचनाओं में से एक कहलाता था। यहाँ शिव जी की पूजा की जाती है और इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की उंचाई लगभग 12 ft है ।

 

अन्नामलाईयर मंदिर

यह मंदिर भी हिन्दुओ का main मंदिर कहलाता है जो की तिरुवन्नामलाई (तमिलनाडु) में स्थित है । ये मंदिर लगभग 101,171 square meter में फैला हुआ है । यह पर भी भगवान् शिव की पूजा होती है । इस मंदिर के चारो ओर 4 टावर व 4 पत्थर की दीवारे है ।

 

एकम्बरेस्वरर मंदिर

ये मंदिर भी कांचीपुरम (तमिलनाडू) में स्थापित है । इस मंदिर लगभग 92,860 square meter में फैला हुआ है । यहाँ भी शिव जी की हीं पूजा होती है । ऐसी मान्यता है की इस मंदिर में की गई भगवान् शिव जी की पूजा अवश्य ही सफल होती है और भक्तो का कल्याण करते है । कहते है की ये मंदिर शिव जी के 5 महा मंदिरों व ‘पंचभूत महास्थलों’ में से एक है, जो की धरती का प्रतिनिधित्व करता है।

 

जम्बुकेस्वर मंदिर

यह मंदिर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में स्थापित है। ये मंदिर लगभग 72,843 square meter में फैला हुआ है । इस मंदिर को थिरुवनेयीकल मंदिर के नाम से भी जाना जाता है । ये मंदिर 1800 वर्ष पहले कोसन्गंनन चोल नामक एक राजा द्वारा बनवाया गया था ।

 

नेल्लईप्पर टेम्पल

ये मंदिर तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) में स्थित है । ये लगभग 71,000 square meter में फैला हुआ है । इस मंदिर का निर्माण “मुलुठुकंडा रामा पांडियन” ने लगभग २५०० साल पहले किया गया था । ये temple श्री अरुल्मिगु स्वामी नेल्लईप्पर तथा श्री अरुल्थारुम कन्थिमथि अम्बल को dedicated है ।

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